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ट्रांजेक्शन फेल होनेे से अटका वजीफा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:46 AM IST
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scolership, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। जो वजीफा मार्च के अंत तक हर हाल में छात्रों के खातों में आ जाना चाहिए था, वह कुछ के खातों में अभी तक नहीं पहुंचा। कारण, सर्वर फेल हो गया और मार्च के अंत तक ट्रांजेक्शन ही नहीं हो सका। परिणाम हजारों छात्रों को भुगतना पड़ा और करोड़ों रुपया अटक गया।
उप्र प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति अब ऑन लाइन हो गई है। विद्यालय डाटा फीड करके सीधे शासन को भेज देते हैं और वहां से पैसा छात्र-छात्राओं के खातों में पहुंच जाता है। गत वर्ष दशमोत्तर कक्षाओं (कक्षा 11 से पीएचडी तक की समस्त कक्षाएं) के छात्रों का छात्रवृत्ति डाटा समय पर नहीं पहुंचा, जिसका खामियाजा छात्रों ने उठाया और उनके खाते वित्तीय वर्ष के अंत तक खाली रहे।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार दशमोत्तर कक्षाओं के अनुसूचित जाति के छात्रों का कुल पंजीकरण 14372 था। इनमें से कुल 11198 छात्र-छात्राओं की कुल 1249.934 लाख रुपये छात्रवृत्ति शासन से उनके खाते में पहुंच गई। शेष 3134 बच्चे अभी भी छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार सामान्य वर्ग के कुल 8108 बच्चों का नामांकन छात्रवृत्ति के लिए हुआ था। इनमें से 6240 छात्र-छात्राओं के वजीफा के रूप में 852.982 लाख रुपये उनके खातों में पहुंचाए गए, जबकि 1868 बच्चों को अभी भी छात्रवृत्ति का इंतजार है। वहीं ओबीसी के 22006 छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया गया था। इनमें से कुल 17585 बच्चों का वजीफा 623.34 लाख रुपया आया। अभी भी 4421 बच्चों का वजीफा आना शेष है।
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सर्वर की खराबी और डाटा इंट्री देरी से होने की वजह से कुछ छात्र-छात्राओं को वजीफा मार्च के अंत तक नहीं मिल सका। अब सर्वर ठीक हो गया है और शासन से आने वाली वजीफे की रकम जल्द से जल्द उनके खाते में पहुंच जाएगी।’
इसरा उल हक
समाज कल्याण अधिकारी
झांसी
‘कुछ तकनीकी खामियां शासन स्तर से थीं, जिनके कारण बच्चों की छात्रवृत्ति समय से नहीं मिल सकी। इन खामियों को दूर कर लिया गया है। जल्द से जल्द बच्चों के खाते में उनके वजीफे की रकम आ जाएगी।’
सोन कुमार
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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उप्र प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति अब ऑन लाइन हो गई है। विद्यालय डाटा फीड करके सीधे शासन को भेज देते हैं और वहां से पैसा छात्र-छात्राओं के खातों में पहुंच जाता है। गत वर्ष दशमोत्तर कक्षाओं (कक्षा 11 से पीएचडी तक की समस्त कक्षाएं) के छात्रों का छात्रवृत्ति डाटा समय पर नहीं पहुंचा, जिसका खामियाजा छात्रों ने उठाया और उनके खाते वित्तीय वर्ष के अंत तक खाली रहे।
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समाज कल्याण विभाग के अनुसार दशमोत्तर कक्षाओं के अनुसूचित जाति के छात्रों का कुल पंजीकरण 14372 था। इनमें से कुल 11198 छात्र-छात्राओं की कुल 1249.934 लाख रुपये छात्रवृत्ति शासन से उनके खाते में पहुंच गई। शेष 3134 बच्चे अभी भी छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार सामान्य वर्ग के कुल 8108 बच्चों का नामांकन छात्रवृत्ति के लिए हुआ था। इनमें से 6240 छात्र-छात्राओं के वजीफा के रूप में 852.982 लाख रुपये उनके खातों में पहुंचाए गए, जबकि 1868 बच्चों को अभी भी छात्रवृत्ति का इंतजार है। वहीं ओबीसी के 22006 छात्र-छात्राओं का डाटा फीड किया गया था। इनमें से कुल 17585 बच्चों का वजीफा 623.34 लाख रुपया आया। अभी भी 4421 बच्चों का वजीफा आना शेष है।
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सर्वर की खराबी और डाटा इंट्री देरी से होने की वजह से कुछ छात्र-छात्राओं को वजीफा मार्च के अंत तक नहीं मिल सका। अब सर्वर ठीक हो गया है और शासन से आने वाली वजीफे की रकम जल्द से जल्द उनके खाते में पहुंच जाएगी।’
इसरा उल हक
समाज कल्याण अधिकारी
झांसी
‘कुछ तकनीकी खामियां शासन स्तर से थीं, जिनके कारण बच्चों की छात्रवृत्ति समय से नहीं मिल सकी। इन खामियों को दूर कर लिया गया है। जल्द से जल्द बच्चों के खाते में उनके वजीफे की रकम आ जाएगी।’
सोन कुमार
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी