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ट्रेनों में अब जल्दी भर सकेगा पानी
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ट्रेनों में अब जल्दी भर सकेगा पानी
झांसी। रेलवे स्टेशन पर पुरानी पाइपलाइन के जरिये हाइड्रेंट से ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था को हटाया जा रहा है। उसकी जगह 3.20 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म के बराबर ऊंचाई से पाइपलाइन डालकर क्विक वाटरिंग सिस्टम को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी प्लेटफार्मों पर यह व्यवस्था की जा रही है। इस सिस्टम के लगने पर ट्रेन के कोचों में 10 से 12 मिनट की जगह पांच मिनट में पानी भर जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल तक इस व्यवस्था से ट्रेनों में पानी भरना शुरू हो जाएगा।
पानी की नहीं हो सकेगी बर्बादी
अभी हाइड्रेंट का वाल्व खोलकर लोग पटरियों के पास ही नहाना शुरू कर देते हैं। कई बार वाल्व खुला रहने पर पानी की बर्बादी होता रहता है। मगर क्विक वाटरिंग सिस्टम में ऐसा करना संभव नहीं होगा। हर पाइप के पहले एक लॉक लगेगा, जिसकी चाबी कर्मचारी के पास होगी। चाबी के बिना वाल्व नहीं खुल सकेगा।
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झांसी। रेलवे स्टेशन पर पुरानी पाइपलाइन के जरिये हाइड्रेंट से ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था को हटाया जा रहा है। उसकी जगह 3.20 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म के बराबर ऊंचाई से पाइपलाइन डालकर क्विक वाटरिंग सिस्टम को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी प्लेटफार्मों पर यह व्यवस्था की जा रही है। इस सिस्टम के लगने पर ट्रेन के कोचों में 10 से 12 मिनट की जगह पांच मिनट में पानी भर जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल तक इस व्यवस्था से ट्रेनों में पानी भरना शुरू हो जाएगा।
पानी की नहीं हो सकेगी बर्बादी
अभी हाइड्रेंट का वाल्व खोलकर लोग पटरियों के पास ही नहाना शुरू कर देते हैं। कई बार वाल्व खुला रहने पर पानी की बर्बादी होता रहता है। मगर क्विक वाटरिंग सिस्टम में ऐसा करना संभव नहीं होगा। हर पाइप के पहले एक लॉक लगेगा, जिसकी चाबी कर्मचारी के पास होगी। चाबी के बिना वाल्व नहीं खुल सकेगा।
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