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एजेंसी ने खड़े किए हाथ, ट्रैफिक प्लान का काम रुका
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झांसी। महानगर के लिए पिछले एक साल से तैयार हो रहा ट्रैफिक प्लान (सिटी मोबिलिटी प्लॉन) का काम ठप हो गया। असल में यह ट्रैफिक प्लॉन तैयार करने वाली एजेंसी राइट्स ने भुगतान को लेकर काम करने से ही हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे प्लान पर ब्रेक लग गया है।
इंदौर के बेहतरीन ट्रैफिक सिस्टम को देखते हुए केंद्र सरकार ने झांसी में भी स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए थे। यह काम सार्वजनिक उपक्रम राइट्स को सौंपा गया था। इस पर 40 लाख रुपये खर्च होने थे। एजेंसी को महानगर के भीतर सर्वाधिक व्यस्त चौराहे, सड़क, राजमार्ग आदि चिंह्ति करते हुए यहां ट्रैफिक लोड कम करने के उपाय सुझाने थे।
मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के तौर-तरीके भी बताने थे। कंपनी ने पिछले साल सितंबर माह में यह सर्वे आरंभ कराया। जनवरी तक उसे काम पूरा करके रिपोर्ट सौंपना था लेकिन, निगम अफसरों का कहना है भुगतान न होने से कंपनी ने काम बीच में छोड़ दिया। अब कंपनी दोबारा काम करने पर राजी नहीं जबकि उसे पांच लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
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भुगतान न होने से कंपनी ने काम बीच में बंद कर दिया है। कंपनी भुगतान न होने तक काम दोबारा आरंभ करने पर भी राजी नहीं हो रही है।
एमके सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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इंदौर के बेहतरीन ट्रैफिक सिस्टम को देखते हुए केंद्र सरकार ने झांसी में भी स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए थे। यह काम सार्वजनिक उपक्रम राइट्स को सौंपा गया था। इस पर 40 लाख रुपये खर्च होने थे। एजेंसी को महानगर के भीतर सर्वाधिक व्यस्त चौराहे, सड़क, राजमार्ग आदि चिंह्ति करते हुए यहां ट्रैफिक लोड कम करने के उपाय सुझाने थे।
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मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के तौर-तरीके भी बताने थे। कंपनी ने पिछले साल सितंबर माह में यह सर्वे आरंभ कराया। जनवरी तक उसे काम पूरा करके रिपोर्ट सौंपना था लेकिन, निगम अफसरों का कहना है भुगतान न होने से कंपनी ने काम बीच में छोड़ दिया। अब कंपनी दोबारा काम करने पर राजी नहीं जबकि उसे पांच लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
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भुगतान न होने से कंपनी ने काम बीच में बंद कर दिया है। कंपनी भुगतान न होने तक काम दोबारा आरंभ करने पर भी राजी नहीं हो रही है।
एमके सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम