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त्वरित टूर पैकेज तैयार करेगा पर्यटन निगम
Sat, 25 May 2019 01:14 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 25 May 2019 01:14 AM IST
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झांसी। महानगर के लगभग प्रत्येक स्कूल में गर्मियों की छुट्टियां हो गई है। ऐसे में लोग अपनी फैमली संग घूमने के लिए बुकिंग करा रहे है। इनमें दार्जिलिंग, सिक्किम, डलहौजी से लेकर एतिहासिक एवं पुरातत्व स्मारकों वाले शहर आगरा, ललितपुर, कालिंजर, बनारस आदि भी है। झांसी में पर्यटन निगम यात्रियों की पसंद पर त्वरित टूर पैकेज तैयार कर रहा है।
विदेश के अलावा देश के अलग-अलग शहरों में इन दिनों बच्चों व युवाओं में सबसे ज्यादा क्रेज घूमने का देखा जा रहा है। लोग ऐसे पैकेज बुक करा रहे हैं, जिसमें वह कम धनराशि में ज्यादा से ज्यादा घूम सकें। ऐसे में निजी ट्रैवल्स एजेंसियों की चांदी है। इनमें शहर के अलावा दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और आगरा के भी ट्रेवल एजेंसी हैं। पर्यटन निगम द्वारा संचालित राही होटल वीरांगना के मैनेजर मुकुल गुप्ता के अनुसार पर्यटकों की सुविधा और किसी भी स्थान के लिए आवश्यकता अनुसार टूर पैकेज तैयार की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश के किसी भी पर्यटन स्थल के टूर बुकिंग पर पर्यटन निगम के होटलों में रहने व खाने-पीने पर विशेष छूट मिलेगी। पर्यटकों को मांग पर एयर कंडीशनर कार तथा बस भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बुंदेलखंड में पर्यटन स्थलों की भरमार
देश के विभिन्न हिस्सों की तरह बुंदेलखंड में भी पर्यटन स्थलों की भरमार है। जहां प्रकृति की सुंदरता का दीदार तो होगा ही, साथ ही प्राचीन भारत की निर्माण कला के भी अद्भुत दर्शन होंगे। इनमें ललितपुर, चित्रकूट, कालिंजर सहित कई शहर ऐसे हैं, जहां पर्यटन बेहद रोमांचक है। यहां पर्यटन विकास भी ठीकठाक है। इसके अलावा आवागमन भी है।
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ये हैं प्रमुख स्थल
- राजघाटी, नाहर घाटी एवं सिद्ध गुफा: ललितपुर में 300 फीट ऊंचे पहाड़ी पत्थरों को तराशकर बनाई गईं खूबसूरत मूर्तियों से परिपूर्ण है राजघाटी एवं नाहर घाटी। इस पहाड़ी के नीचे बह रही बेतवा बेहद खूबसूरत लगती है।
- देवगढ़: ललितपुर जिला मुख्यालय से 33 किलोमीटर दूर देवगढ़ में अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य और बेहद प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला है। यहां जैन मंदिरोेें के साथ ही पांचवीं सदी का वाराह मंदिर, गजेंद्र मोक्ष को दर्शाती मूर्तियां और दश अवतार मंदिर है।
- रणछोर मंदिर: ललितपुर के गांव धौर्रा से लगभग चार किलोमीटर दूर बेतवा नदी की सुरम्य घाटी में रणछोर जी का प्राचीन मंदिर और ऋषि मुचुकुंद की गुफा है। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान श्री कृष्ण ने कालयवन का मुचुकुंद ऋषि के द्वारा भस्म कराया था।
- पांडव वन: ललितपुर के मदन पुर से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर ओरी नदी से लगी घाटी और वन्य क्षेत्र को पांडव वन कहते हैं। यहां की गुफाओं में आदि मानव द्वारा बनाई गई चित्रकारी आज भी देखने को मिल जाती है।
- पहाड़ पर भगवान नृसिंह की विशाल प्रतिमा: ललितपुर के पाली से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर दुधई के घने जंगल में है अत्यंत प्राचीन भगवान नरसिंह की रॉक कट प्रतिमा। यह प्रतिमा चट्टान को काटकर बनाई गई है।
कामतानाथ मंदिर: चित्रकूट में भगवान श्री राम की वनस्थली है। यहां भगवान कामतानाथ जी का प्रमुख मंदिर है।
महर्षि वेद आश्रम: कालपी में पंचनदा नदी का दृश्य स्थल, महर्षि वेद व्यास का आश्रम, वीरबल की जन्म स्थली है।
नीलकंठ महादेव मंदिर: वैदिक कालीन क्षेत्र कालिंजर का उल्लेख कई पौराणिक ग्रंथों में है। यहां भगवान नीलकंठ महादेव का मंदिर, भैरव जी का मंदिर और प्राचीन दुर्ग है। पर्यटन विभाग ने यहां कई विकास कार्य कराए हैं।
रामराजा सरकार मंदिर: ओरछा में बेतवा नदी से लगे इस क्षेत्र में भगवान राम राजा का प्रसिद्ध मंदिर है। जहांगीर महल, लाला हरदौल का भी स्थान है।
बुंदेलखंड दर्शन को है एक दिवसीय टूर पैकेज
पर्यटन निगम ने शताब्दी ट्रेन से आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए एक दिन का टूर पैकेज तैयार किया है, जो सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। राही वीरांगना के मैनेजर मुकुल गुप्ता के अनुसार इसमें पर्यटक को ओरछा, बरुआसागर का किला, जराय मठ, राजकीय संग्रहालय, रानी लक्ष्मीबाई का किला, रानी महल, सेंट ज्यूड चर्च का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए देश के सैलानी को 500 रुपये और विदेशी सैलानी को 600 रुपये देना होगा। इसमें गाइड का शुल्क, पर्यटन साहित्य, समाचार पत्र, मिनरल वॉटर, सभी स्मारकों का प्रवेश शुल्क, पार्किंग आदि शामिल है। यह सफर एयरकंडीशनर झांसी दर्शन बस सेवा में कराया जाएगा। वहीं, होटल वीरांगना में रात रुकने पर कमरा बुकिंग पर दस प्रतिशत और रेस्टोरेंट बिल पर 10 प्रतिशत की छूट रहेगी। टूर पैकेज बुकिंग के लिए सैलानी 9415919797 और 9415233448 पर संपर्क कर सकते हैं।
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विदेश के अलावा देश के अलग-अलग शहरों में इन दिनों बच्चों व युवाओं में सबसे ज्यादा क्रेज घूमने का देखा जा रहा है। लोग ऐसे पैकेज बुक करा रहे हैं, जिसमें वह कम धनराशि में ज्यादा से ज्यादा घूम सकें। ऐसे में निजी ट्रैवल्स एजेंसियों की चांदी है। इनमें शहर के अलावा दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और आगरा के भी ट्रेवल एजेंसी हैं। पर्यटन निगम द्वारा संचालित राही होटल वीरांगना के मैनेजर मुकुल गुप्ता के अनुसार पर्यटकों की सुविधा और किसी भी स्थान के लिए आवश्यकता अनुसार टूर पैकेज तैयार की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश के किसी भी पर्यटन स्थल के टूर बुकिंग पर पर्यटन निगम के होटलों में रहने व खाने-पीने पर विशेष छूट मिलेगी। पर्यटकों को मांग पर एयर कंडीशनर कार तथा बस भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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बुंदेलखंड में पर्यटन स्थलों की भरमार
देश के विभिन्न हिस्सों की तरह बुंदेलखंड में भी पर्यटन स्थलों की भरमार है। जहां प्रकृति की सुंदरता का दीदार तो होगा ही, साथ ही प्राचीन भारत की निर्माण कला के भी अद्भुत दर्शन होंगे। इनमें ललितपुर, चित्रकूट, कालिंजर सहित कई शहर ऐसे हैं, जहां पर्यटन बेहद रोमांचक है। यहां पर्यटन विकास भी ठीकठाक है। इसके अलावा आवागमन भी है।
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ये हैं प्रमुख स्थल
- राजघाटी, नाहर घाटी एवं सिद्ध गुफा: ललितपुर में 300 फीट ऊंचे पहाड़ी पत्थरों को तराशकर बनाई गईं खूबसूरत मूर्तियों से परिपूर्ण है राजघाटी एवं नाहर घाटी। इस पहाड़ी के नीचे बह रही बेतवा बेहद खूबसूरत लगती है।
- देवगढ़: ललितपुर जिला मुख्यालय से 33 किलोमीटर दूर देवगढ़ में अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य और बेहद प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला है। यहां जैन मंदिरोेें के साथ ही पांचवीं सदी का वाराह मंदिर, गजेंद्र मोक्ष को दर्शाती मूर्तियां और दश अवतार मंदिर है।
- रणछोर मंदिर: ललितपुर के गांव धौर्रा से लगभग चार किलोमीटर दूर बेतवा नदी की सुरम्य घाटी में रणछोर जी का प्राचीन मंदिर और ऋषि मुचुकुंद की गुफा है। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान श्री कृष्ण ने कालयवन का मुचुकुंद ऋषि के द्वारा भस्म कराया था।
- पांडव वन: ललितपुर के मदन पुर से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर ओरी नदी से लगी घाटी और वन्य क्षेत्र को पांडव वन कहते हैं। यहां की गुफाओं में आदि मानव द्वारा बनाई गई चित्रकारी आज भी देखने को मिल जाती है।
- पहाड़ पर भगवान नृसिंह की विशाल प्रतिमा: ललितपुर के पाली से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर दुधई के घने जंगल में है अत्यंत प्राचीन भगवान नरसिंह की रॉक कट प्रतिमा। यह प्रतिमा चट्टान को काटकर बनाई गई है।
कामतानाथ मंदिर: चित्रकूट में भगवान श्री राम की वनस्थली है। यहां भगवान कामतानाथ जी का प्रमुख मंदिर है।
महर्षि वेद आश्रम: कालपी में पंचनदा नदी का दृश्य स्थल, महर्षि वेद व्यास का आश्रम, वीरबल की जन्म स्थली है।
नीलकंठ महादेव मंदिर: वैदिक कालीन क्षेत्र कालिंजर का उल्लेख कई पौराणिक ग्रंथों में है। यहां भगवान नीलकंठ महादेव का मंदिर, भैरव जी का मंदिर और प्राचीन दुर्ग है। पर्यटन विभाग ने यहां कई विकास कार्य कराए हैं।
रामराजा सरकार मंदिर: ओरछा में बेतवा नदी से लगे इस क्षेत्र में भगवान राम राजा का प्रसिद्ध मंदिर है। जहांगीर महल, लाला हरदौल का भी स्थान है।
बुंदेलखंड दर्शन को है एक दिवसीय टूर पैकेज
पर्यटन निगम ने शताब्दी ट्रेन से आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए एक दिन का टूर पैकेज तैयार किया है, जो सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। राही वीरांगना के मैनेजर मुकुल गुप्ता के अनुसार इसमें पर्यटक को ओरछा, बरुआसागर का किला, जराय मठ, राजकीय संग्रहालय, रानी लक्ष्मीबाई का किला, रानी महल, सेंट ज्यूड चर्च का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए देश के सैलानी को 500 रुपये और विदेशी सैलानी को 600 रुपये देना होगा। इसमें गाइड का शुल्क, पर्यटन साहित्य, समाचार पत्र, मिनरल वॉटर, सभी स्मारकों का प्रवेश शुल्क, पार्किंग आदि शामिल है। यह सफर एयरकंडीशनर झांसी दर्शन बस सेवा में कराया जाएगा। वहीं, होटल वीरांगना में रात रुकने पर कमरा बुकिंग पर दस प्रतिशत और रेस्टोरेंट बिल पर 10 प्रतिशत की छूट रहेगी। टूर पैकेज बुकिंग के लिए सैलानी 9415919797 और 9415233448 पर संपर्क कर सकते हैं।