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ओटी में एक साथ हो रहे दे आपरेशन, मरीजों से हो रहा खिलवाड़

Sat, 07 Mar 2020 02:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 02:42 AM IST
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Together two operation in hospital
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ओटी में सर्जरी/ ऑपरेशन के दौरान मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करते हुए दो ओटी टेबल रखकर एक साथ दो ऑपरेशन हो रहे हैं। इससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं, ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने के पीछे भी यही कारण बताया गया है।
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मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक, गायनी, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी, सर्जरी, नेत्र रोग विभागों के ऑपरेशन थिएटर को मॉड्यूलर बनाया गया है। मॉड्यूलर ओटी में मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर होता है। हाईटेक सुविधाएं होने से सर्जरी में कम समय लगता है। सुविधाएं मिलने से डॉक्टरों को भी ऑपरेशन में सहूलियत होती है। मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ओटी के मानकों को ताक पर रखकर कुछ विभागों ने अपने यहां दो ओटी टेबल रख दी हैं। ऐसे में मरीजों में क्रॉस इंफेक्शन फैलने का खतरा बना है। सूत्रों ने बताया कि ओटी में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने का कारण भी यही निकलकर आया है। एक साथ अधिक मात्रा में ओटी में ऑक्सीजन जाने की वजह से इसका फ्लो बिगड़ गया है।
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ये है मॉड्यूलर ओटी की प्रक्रिया
मॉड्यूलर ओटी में सिर्फ एक ही टेबल होती है। उसको भी बीचोबीच रखा जाता है। इस वजह से छत से आने वाले लैमिनर फ्लो द्वारा साफ हवा मरीज के ऊपर सबसे पहले पड़ती है। फिर टकराकर नीचे जमीन की तरफ जाती है। दो ओटी टेबल पड़ने से साफ हवा बीच की खाली जगह वाली जमीन पर पड़ने लगती है। फिर जमीन से टकराकर मरीज तक पहुंचती है। जमीन पर पड़े कीटाणु भी हवा के साथ मरीज की तरफ जाने लगते हैं। यदि एक मरीज को संक्रमण है तो दूसरे को भी हो सकता है। वहीं, एक मरीज का ऑपरेशन खत्म होने के बाद ओटी में एंटी सेप्टिक से पोंछा लगाया जाता है, जिसमें सिर्फ 2.5 मिनट लगाते हैं। मगर दो मेज होने से ये प्रोटोकॉल पूरा नहीं हो पाता क्योंकि ऐसा बहुत ही कम होता है कि दोनों मरीजों का एक समय में ऑपरेशन खत्म हो।
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ये हैं मानक
एनएबीएस के मानक अनुसार ओटी में एक बार में एक मरीज को मिलाकर आठ से अधिक लोग नहीं होने चाहिए। दो टेबल रखी होने के बाद ये आंकड़ा कई बार 12 से भी अधिक हो जाता है। ऐसे में पूरे भारत में किसी भी जगह मॉड्यूलर ओटी में दो मेजें नहीं हैं। सिर्फ महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ही ऐसा चिकित्सालय है, जहां मॉड्यूलर ओटी में दो ओटी टेबल रखकर ऑपरेशन किया जा रहा है।

मॉड्यूलर ओटी में एक ही टेबल रखने का नियम है। दो टेबल रखकर ऑपरेशन करने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को आदेश दिया जा चुका है। यदि कोई दो टेबल रखकर ऑपरेशन कर रहा है और कोई घटना होती है, तो जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की होगी। - डॉ. पारस गुप्ता, प्रभारी, मॉड्यूलर ओटी।
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