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कोरोना वायरस के कारण आज नहीं होंगे स्टार फोर्ट के दीदार

Wed, 03 Jun 2020 11:45 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2020 11:45 PM IST
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Today is not seing star fort from corona
Today is not seing star fort from corona
कोरोना वायरस के कारण आज नहीं होंगे स्टार फोर्ट के दीदार
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सब हेड - हर साल सैकड़ों विद्यार्थी, प्रबुद्ध नागरिक आते थे इसे देखने के लिए
क्रासर - 1857 - 58 की क्रांति से संबंधित फोटो की प्रदर्शनी लगती थी
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का गवाह स्टार फोर्ट के दीदार इस बार दर्शकों को नहीं होंगे। इसकी वजह कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी प्राचीन स्मारकों का बंद रहना है। सदर स्थित स्टार फोर्ट हर साल 4 जून को खोला जाता था। इस दौरान क्रांति से संबंधित फोटो प्रदर्शनी भी लगती थी। बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए भी आते थे।
देश की आजादी के लिए 1857 - 58 में देशभक्तों ने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था। स्टार फोर्ट पर 12 इंफेंट्री एवं 14 कैवलरी ने साथ मिलकर क्रांति की शुरूआत की थी और 4 जून को इस पर कब्जा किया था। स्टार फोर्ट उस दौर में अंग्रेज प्रशासकों का महत्वपूर्ण किला था। इसी एतिहासिक यादगार तारीख पर वर्ष 2010 से हर साल सैकड़ों विद्यार्थी, प्रबुद्ध वर्ग एवं स्थानीय लोग स्टार फोर्ट को देखने के लिए उमड़ते है। पुलिंद कला दीर्घा के अध्यक्ष एवं स्टार फोर्ट प्रदर्शनी के संयोजक मुकुंद महरोत्रा ने बताया कि सरकार द्वारा पुरातत्व स्मारकों को न खोलने एवं कोरोना वायरस से बचाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। स्टार फोर्ट वर्तमान में सेना के संरक्षण में है और इसे सेना से अनुमति के बाद ही खोला जाता है। उनके अनुसार चार जून 1857 को क्रांतिकारियों ने इस पर कब्जा किया था। इसके बाद क्रांतिकारियों ने छह जून को झांसी किला पर कब्जा किया था। इसके बाद रानी लक्ष्मीबाई ने फिर से सत्ता संभाली थी।
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तारे के आकार का है स्टार फोर्ट
सदर बाजार में मौजूद स्टार फोर्ट का निर्माण अंग्रेजों ने 1820 - 22 के दौरान कराया था। यह तारे के आकार में है। इसमें वह गोला बारूद रखते थे। इसके लिए 19 विशाल कक्ष बने है। जिनमें बारूद की गैस निकलने के लिए छेद भी बने है। खास बात यह है कि जमींदारों व राजाओं से वसूला जाने वाला धन यहां स्थित कोषागार में रखा जाता था। लगान न देने पर उन्हें यहां अंग्रेज बंद भी रखते थे।
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