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हादसे रोकने के लिए ट्रैक के किनारे बनाई जाएगी दीवार
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हादसे रोकने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे बनेगी दीवार
झांसी। मंडल के रेलवे ट्रैक पर आए दिन जानवरोें के कटने और पटरी पर पत्थर रखने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए रेलवे ने योजना बनाई है। इसके तहत मंडल के दो हजार किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के किनारे दीवार बनाई जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे के जीएम के निर्देश के बाद मंडल के अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
झांसी मंडल के रेलवे ट्रैक के किनारे आए दिन जानवरों के ट्रेन के आगे आकर कटने की घटनाएं होती रहती हैं। इसके चलते बड़े हादसे का खतरा रहता है। साथ ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। शनिवार को हिमसागर एक्सप्रेस से जानवर कटने से गाड़ी का संचालन प्रभावित हुआ था। दो अगस्त को बेतवा पुल के पास पटरी पर पत्थर गिरने से मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था। शनिवार को गतिमान एक्सप्रेस से भी पत्थर टकराया था। ऐसे हादसे रोकने के लिए रेलवे ने ट्रैक के किनारे दीवार बनाने की योजना है। आगरा मंडल में यह काम चल रहा है। झांसी मंडल में ग्वालियर-मुरैना सेक्शन में यह काम सबसे पहले किया जाएगा।
ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी
ट्रैक के किनारे दीवार बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। दिल्ली से झांसी के लिए चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस की अधिकतम गति सीमा 160 किमी प्रतिघंटा है। दिल्ली से आगरा के बीच यह ट्रेन निर्धारित गति सीमा से दौड़ती है। जबकि आगरा से झांसी तक ट्रेन 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। ट्रैक के किनारे सुरक्षा इंतजाम होने के बाद ट्रेन की रफ्तार बढ़ जाएगी।
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ट्रैक के किनारे दीवार और लोहे की फेंसिंग कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। इससे काफी हद तक हादसों पर रोक लग सकेगी। यह काम सबसे पहले उन सेक्शनों में होगा, जहां हादसे अधिक होते हैं।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल
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झांसी। मंडल के रेलवे ट्रैक पर आए दिन जानवरोें के कटने और पटरी पर पत्थर रखने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए रेलवे ने योजना बनाई है। इसके तहत मंडल के दो हजार किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के किनारे दीवार बनाई जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे के जीएम के निर्देश के बाद मंडल के अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
झांसी मंडल के रेलवे ट्रैक के किनारे आए दिन जानवरों के ट्रेन के आगे आकर कटने की घटनाएं होती रहती हैं। इसके चलते बड़े हादसे का खतरा रहता है। साथ ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। शनिवार को हिमसागर एक्सप्रेस से जानवर कटने से गाड़ी का संचालन प्रभावित हुआ था। दो अगस्त को बेतवा पुल के पास पटरी पर पत्थर गिरने से मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था। शनिवार को गतिमान एक्सप्रेस से भी पत्थर टकराया था। ऐसे हादसे रोकने के लिए रेलवे ने ट्रैक के किनारे दीवार बनाने की योजना है। आगरा मंडल में यह काम चल रहा है। झांसी मंडल में ग्वालियर-मुरैना सेक्शन में यह काम सबसे पहले किया जाएगा।
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ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी
ट्रैक के किनारे दीवार बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। दिल्ली से झांसी के लिए चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस की अधिकतम गति सीमा 160 किमी प्रतिघंटा है। दिल्ली से आगरा के बीच यह ट्रेन निर्धारित गति सीमा से दौड़ती है। जबकि आगरा से झांसी तक ट्रेन 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। ट्रैक के किनारे सुरक्षा इंतजाम होने के बाद ट्रेन की रफ्तार बढ़ जाएगी।
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ट्रैक के किनारे दीवार और लोहे की फेंसिंग कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। इससे काफी हद तक हादसों पर रोक लग सकेगी। यह काम सबसे पहले उन सेक्शनों में होगा, जहां हादसे अधिक होते हैं।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल