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साढ़े तीन हजार संपत्तियों को मिले उनके वारिस
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झांसी। जिले की साढ़े तीन हजार संपत्तियों को उनके वारिस मिल गए हैं। राजस्व विभाग द्वारा अभियान चलाकर अभिलेखों में वारिसों के नाम दर्ज किए हैं। गैर विवादित संपत्तियों के मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। 15 दिसंबर से शुरू हुआ अभियान 15 फरवरी तक लगातार जारी रहेगा।
किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके नाम की संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए वारिसों को राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। गैर विवादित संपत्तियों पर भी उनके वारिसों के नाम आसानी से दर्ज नहीं हो पाते हैं। इस समस्या के समाधान अभियान चलाकर किया जा रहा है। जिले में अब तक 3,517 संपत्तियों पर उनके वारिसों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं। ये सभी वे संपत्तियां है, जिन पर कोई विवाद नहीं है। झांसी में 688, मोंठ में 771, मऊरानीपुर में 620, गरौठा में 698 और टहरौली तहसील की 574 संपत्तियों में उनके वारिसों के नाम दर्ज किए गए हैं।
166 संपत्तियों में सामने आया विवाद
झांसी। जिले की 166 संपत्तियों में विवाद सामने आया है, जिससे इनके वारिसों के नाम अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं। विवादित संपत्तियों में झांसी तहसील की 33, मोंठ की 43, मऊरानीपुर की 37, गरौठा की 16 और टहरौली तहसील की 37 संपत्तियां हैं।
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ऑनलाइन आवेदन की हैं व्यवस्था
झांसी। संपत्ति पर नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की साइट पर किया जा सकता है। इसमें मृतक का नाम, पिता का नाम, मृत्यु प्रमाण पत्र व संपत्ति का ब्योरा दर्ज करना होगा। इसके अलावा वारिसों को भी अपना ब्योरा देना होगा। यहां से आवेदन संबंधित लेखपाल को ऑनलाइन अग्रसारित कर दिया जाएगा। लेखपाल को सात दिन के भीतर जांच कर आवेदन को आगे बढ़ाना होगा। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद संपत्ति पर वारिसों का नाम दर्ज कर दिया जाएगा।
संपत्तियों पर विरासतन नाम दर्ज कराने के लिए लोगों को खुद आगे आना चाहिए। इसमें लेटलतीफी विवादों को जन्म देती है। राजस्व विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के बाद भी प्राथमिकता के आधार पर ये काम जारी रहेगा। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके नाम की संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए वारिसों को राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। गैर विवादित संपत्तियों पर भी उनके वारिसों के नाम आसानी से दर्ज नहीं हो पाते हैं। इस समस्या के समाधान अभियान चलाकर किया जा रहा है। जिले में अब तक 3,517 संपत्तियों पर उनके वारिसों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं। ये सभी वे संपत्तियां है, जिन पर कोई विवाद नहीं है। झांसी में 688, मोंठ में 771, मऊरानीपुर में 620, गरौठा में 698 और टहरौली तहसील की 574 संपत्तियों में उनके वारिसों के नाम दर्ज किए गए हैं।
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166 संपत्तियों में सामने आया विवाद
झांसी। जिले की 166 संपत्तियों में विवाद सामने आया है, जिससे इनके वारिसों के नाम अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं। विवादित संपत्तियों में झांसी तहसील की 33, मोंठ की 43, मऊरानीपुर की 37, गरौठा की 16 और टहरौली तहसील की 37 संपत्तियां हैं।
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ऑनलाइन आवेदन की हैं व्यवस्था
झांसी। संपत्ति पर नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की साइट पर किया जा सकता है। इसमें मृतक का नाम, पिता का नाम, मृत्यु प्रमाण पत्र व संपत्ति का ब्योरा दर्ज करना होगा। इसके अलावा वारिसों को भी अपना ब्योरा देना होगा। यहां से आवेदन संबंधित लेखपाल को ऑनलाइन अग्रसारित कर दिया जाएगा। लेखपाल को सात दिन के भीतर जांच कर आवेदन को आगे बढ़ाना होगा। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के बाद संपत्ति पर वारिसों का नाम दर्ज कर दिया जाएगा।
संपत्तियों पर विरासतन नाम दर्ज कराने के लिए लोगों को खुद आगे आना चाहिए। इसमें लेटलतीफी विवादों को जन्म देती है। राजस्व विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के बाद भी प्राथमिकता के आधार पर ये काम जारी रहेगा। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी