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डीजल लोको शेड के नुकसान का आकलन करेगी तीन सदस्यीय समिति
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डीजल लोको शेड के नुकसान का आकलन करेगी तीन सदस्यीय समिति
झांसी। डीजल लोको शेड अग्निकांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर कर दिया गया है। यह समिति आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन करेगी। वहीं, मंगलवार को इलाहाबाद से आए चीफ मोटिव पावर इंजीनियर एके द्विवेदी ने आग लगने से हुए नुकसान और बाद की स्थितियों को देखा। आरपीएफ से भी पूछताछ की।
डीजल लोको शेड के गवर्नर और एयर ब्रेक कक्ष में सोमवार की सुबह आग लग गई थी, जिसे दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया जा सका था। आग से दोनों कक्षों में रखीं चार करोड़ रुपये से अधिक की मशीनें बेकार होने का अनुमान है। साथ ही कक्षों में रखे इंजनों की मरम्मत से जुड़े अभिलेख जलकर नष्ट हो गए। रेल प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। इसमें वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर करुणेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक आकांक्षा शर्मा व वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर भीमराज धन्ना शामिल हैं।
वहीं, मंगलवार को उत्तर मध्य रेलवे के मोटिव पावर इंजीनियर एके द्विवेदी ने डीजल शेड का निरीक्षण किया। उन्होंने गवर्नर व एयर ब्रेक सेक्शन में आग के बाद के हालातों को देखा। रात में यहां आरपीएफ तैनात रहती है, इसलिए लोको प्रभारी उपनिरीक्षक उमा यादव से घटना के बारे में जानकारी ली। शेड के अधिकारी व कर्मचारियों से बात की।
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मालूम हो कि डीजल शेड के पास एक सौ पच्चीस इंजन हैं। यहां अलग- अलग समय पर आने वाले उक्त इंजनों की मरम्मत का काम चलता रहता है। शेड में गवर्नर व एयर ब्रेक सेक्शन के कक्ष बने हैं। गवर्नर सेक्शन में इंजन में लगने वाले गवर्नर पार्ट्स की जांच होती हैं। इंजन के सभी इलेक्ट्रानिक पार्ट्स भी यहीं पर जांचे जाते हैं। ओवरहॉलिंग का भी काम होता है। साथ में एयर ब्रेक सेक्शन का कक्ष बना है। इस सेक्शन में एयर ब्रेक से जुड़े पार्ट्स की जांच और उनकी सफाई का काम होता है। इंजन में लगे रहने वाले पार्ट्स की जांच में उक्त दोनों सेक्शन अहम भूमिका निभाते हैं।
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झांसी। डीजल लोको शेड अग्निकांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर कर दिया गया है। यह समिति आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन करेगी। वहीं, मंगलवार को इलाहाबाद से आए चीफ मोटिव पावर इंजीनियर एके द्विवेदी ने आग लगने से हुए नुकसान और बाद की स्थितियों को देखा। आरपीएफ से भी पूछताछ की।
डीजल लोको शेड के गवर्नर और एयर ब्रेक कक्ष में सोमवार की सुबह आग लग गई थी, जिसे दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया जा सका था। आग से दोनों कक्षों में रखीं चार करोड़ रुपये से अधिक की मशीनें बेकार होने का अनुमान है। साथ ही कक्षों में रखे इंजनों की मरम्मत से जुड़े अभिलेख जलकर नष्ट हो गए। रेल प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। इसमें वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर करुणेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक आकांक्षा शर्मा व वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर भीमराज धन्ना शामिल हैं।
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वहीं, मंगलवार को उत्तर मध्य रेलवे के मोटिव पावर इंजीनियर एके द्विवेदी ने डीजल शेड का निरीक्षण किया। उन्होंने गवर्नर व एयर ब्रेक सेक्शन में आग के बाद के हालातों को देखा। रात में यहां आरपीएफ तैनात रहती है, इसलिए लोको प्रभारी उपनिरीक्षक उमा यादव से घटना के बारे में जानकारी ली। शेड के अधिकारी व कर्मचारियों से बात की।
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मालूम हो कि डीजल शेड के पास एक सौ पच्चीस इंजन हैं। यहां अलग- अलग समय पर आने वाले उक्त इंजनों की मरम्मत का काम चलता रहता है। शेड में गवर्नर व एयर ब्रेक सेक्शन के कक्ष बने हैं। गवर्नर सेक्शन में इंजन में लगने वाले गवर्नर पार्ट्स की जांच होती हैं। इंजन के सभी इलेक्ट्रानिक पार्ट्स भी यहीं पर जांचे जाते हैं। ओवरहॉलिंग का भी काम होता है। साथ में एयर ब्रेक सेक्शन का कक्ष बना है। इस सेक्शन में एयर ब्रेक से जुड़े पार्ट्स की जांच और उनकी सफाई का काम होता है। इंजन में लगे रहने वाले पार्ट्स की जांच में उक्त दोनों सेक्शन अहम भूमिका निभाते हैं।