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Jhansi News: विभागों के अधिकारी बनकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय तीन ठग गिरफ्तार
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- यूपीकॉप एप, पंचायत एप का उपयोग कर लोगों के नंबर हासिल कर फोन करके बनाते थे शिकार
- फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते और रुपये मिल जाने के बाद कर देते थे बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विभिन्न विभागों के अधिकारी बनकर लोगों की समस्या का समाधान करने का झांसा देकर धोखाधड़ी से रुपये ठगने वाले अंतरराज्यीय तीन ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह लोग फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते और रुपये मिल जाने के बाद इनको बंद कर देते थे। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के सात मोबाइल फोन और बाइक बरामद की।
कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम पठाविजयपुरा निवासी जया देवी ने अज्ञात युवकों पर घर आकर बिजली बिल का जुर्माना माफ कराने की बात कहकर 50 हजार रुपये लेने और बिल की रसीद मांगने पर 20 हजार रुपये की मांग करने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। जांच में अजय पुत्र रमन सोनी निवासी ग्राम बारी थाना लिधौरा जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, मोहित पुत्र ज्ञान सिंह यादव निवासी ग्राम भोपालपुरा थाना पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी मध्य प्रदेश और यशपाल पुत्र रहीस यादव निवासी ग्राम गोवा थाना पृथ्वीपुर मध्य प्रदेश के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए जुटी हुई थीं। मंगलवार को महरौनी पुलिस ने कस्बा महरौनी क्षेत्र में टीकमगढ़-महरौनी बाईपास रोड के पास से तीनों को बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के सात मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका संगठित गिरोह है जोकि अलग-अलग स्थानों पर रहकर लोगों के व्यक्तिगत डाटा को विभिन्न माध्यम जैसे यूपी कॉप एप से थानों की एफआईआर निकालकर, पंचायत एप से प्रधान सहित अन्य लोगों के नंबर हासिल कर लेते थे। उक्त मोबाइल नंबरों पर फोन करके स्वयं को अलग-अलग विभागों के अधिकारी बताते थे। उनकी समस्याओं का समाधान करने की बात कहते हुए झांसे में लेते थे और इसके एवज में अलग-अलग बैंक खातों में रुपया मंगाकर निकाल लेते थे। इन रुपयों अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर आपस में बांट लेते थे। इन रुपयों को वह लोग में अपने ऐशो-आराम पर खर्च करते थे। इसके साथ वह लोग फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते थे और रुपये मिल जाने के बाद इनकों बंद कर देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक निर्भयचंद्र, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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- फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते और रुपये मिल जाने के बाद कर देते थे बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विभिन्न विभागों के अधिकारी बनकर लोगों की समस्या का समाधान करने का झांसा देकर धोखाधड़ी से रुपये ठगने वाले अंतरराज्यीय तीन ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह लोग फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते और रुपये मिल जाने के बाद इनको बंद कर देते थे। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के सात मोबाइल फोन और बाइक बरामद की।
कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम पठाविजयपुरा निवासी जया देवी ने अज्ञात युवकों पर घर आकर बिजली बिल का जुर्माना माफ कराने की बात कहकर 50 हजार रुपये लेने और बिल की रसीद मांगने पर 20 हजार रुपये की मांग करने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। जांच में अजय पुत्र रमन सोनी निवासी ग्राम बारी थाना लिधौरा जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, मोहित पुत्र ज्ञान सिंह यादव निवासी ग्राम भोपालपुरा थाना पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी मध्य प्रदेश और यशपाल पुत्र रहीस यादव निवासी ग्राम गोवा थाना पृथ्वीपुर मध्य प्रदेश के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए जुटी हुई थीं। मंगलवार को महरौनी पुलिस ने कस्बा महरौनी क्षेत्र में टीकमगढ़-महरौनी बाईपास रोड के पास से तीनों को बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के सात मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका संगठित गिरोह है जोकि अलग-अलग स्थानों पर रहकर लोगों के व्यक्तिगत डाटा को विभिन्न माध्यम जैसे यूपी कॉप एप से थानों की एफआईआर निकालकर, पंचायत एप से प्रधान सहित अन्य लोगों के नंबर हासिल कर लेते थे। उक्त मोबाइल नंबरों पर फोन करके स्वयं को अलग-अलग विभागों के अधिकारी बताते थे। उनकी समस्याओं का समाधान करने की बात कहते हुए झांसे में लेते थे और इसके एवज में अलग-अलग बैंक खातों में रुपया मंगाकर निकाल लेते थे। इन रुपयों अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर आपस में बांट लेते थे। इन रुपयों को वह लोग में अपने ऐशो-आराम पर खर्च करते थे। इसके साथ वह लोग फर्जी सिम और फर्जी खातों का प्रयोग करते थे और रुपये मिल जाने के बाद इनकों बंद कर देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक निर्भयचंद्र, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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