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इस बार झांसी और भी भव्यता से मनाएगी रानी का जन्म दिवस
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झांसी। नारी अस्मिता की प्रतीक वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिवस इस बार अमर उजाला की ओर से और भी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। आयोजन में झांसी के जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। चूंकि, रानी के जन्मदिवस पर 19 नवंबर को इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झांसी दौरा प्रस्तावित है, जिससे लोगों का उत्साह और भी बढ़ा हुआ है।
रानी के जन्मदिवस पर अमर उजाला की ओर से हर साल विविध आयोजन किए जाते हैं। पूर्व संध्या पर महानगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है, जबकि जन्म दिवस पर झांसी के कोने-कोने में दीप जलाए जाते हैं। लेकिन, इस बार और भी भव्यता के साथ रानी का जन्मदिवस मनाने की तैयारी है। किला, रानी महल समेत रानी से जुड़ीं अन्य ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ महानगर की प्रमुख सड़कों, चौराहों व पार्कों पर दीपांजलि आयोजित की जाएगी। इसके अलावा मुहल्ले व कॉलोनियां भी दीपों की रोशनी से जगमगाएंगी। आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाने लगी है। आप भी आयोजन के सहभागी बन सकते हैं।
राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए रानी का जन्मदिवस
झांसी। गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हिंदुस्तान की जनता का वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने त्याग और शौर्य के बलबूते पर मान बढ़ाने का काम किया था। 1857 के गदर में अंग्रेजों से लोहा लेकर रानी ने भारत की नारी के पराक्रम का लोहा पूरे विश्व में मनवाया था। यही वजह है कि आज भी दुनिया में झांसी की पहली पहचान रानी के नाम से है। 19 नवंबर को रानी का जन्मदिवस पूरे झांसी में पर्व की तरह मनाया जाता है। झांसी वालों की मांग है कि रानी का जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए और पूरे देश में आयोजन हों। साथ ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
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रानी का जन्मदिवस पूरे देश में मनाया जाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि सरकार 19 नवंबर को राष्ट्रीय पर्व घोषित करे और इस दिन सार्वजनिक अवकाश दिया जाए।
- संदीप सरावगी, अध्यक्ष - संघर्ष सेवा समिति
रानी पूरी दुनिया में नारी अस्मिता की प्रतीक हैं। आज की पीढ़ी उनके राष्ट्रप्रेम से शिक्षा ले, इसके लिए रानी का जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित करना जरूरी है।
- अंचल अड़जरिया, अध्यक्ष - राष्ट्रभक्त संगठन
वीरांगना ने खुद की कुर्बानी देकर गुलामी की जंजीरों में जकड़े देश के लोगों में आजादी की अलख जगाई थी। जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करना उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी।
- जुगल किशोर कुशवाहा, अध्यक्ष - अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा
रानी लक्ष्मीबाई आज भी पूरी दुनिया में नारी गौरव की प्रतीक हैं। उन्होंने भारत की महिला शक्ति की पूरी दुनिया में पहचान कराई थी। उनका जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित करना महिलाओं का सम्मान होगा।
- कंचन आहूजा, अध्यक्ष - महिला व्यापार मंडल
झांसी की पहली पहचान रानी से ही है। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने से देश की महिला शक्ति का गौरव बढ़ेगा। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
- जीतू सोनी, प्रदेश महामंत्री - युवा उद्योग व्यापार मंडल
रानी का शौर्य पूरी दुनिया में याद किया जाता है। कई देशों के पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी शामिल है। रानी के जन्मदिवस के राष्ट्रीय पर्व घोषित करने से देश के अमर शहीदों का मान बढ़ेगा।
- दिनेश भार्गव, महामंत्री - बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा
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रानी के जन्मदिवस पर अमर उजाला की ओर से हर साल विविध आयोजन किए जाते हैं। पूर्व संध्या पर महानगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है, जबकि जन्म दिवस पर झांसी के कोने-कोने में दीप जलाए जाते हैं। लेकिन, इस बार और भी भव्यता के साथ रानी का जन्मदिवस मनाने की तैयारी है। किला, रानी महल समेत रानी से जुड़ीं अन्य ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ महानगर की प्रमुख सड़कों, चौराहों व पार्कों पर दीपांजलि आयोजित की जाएगी। इसके अलावा मुहल्ले व कॉलोनियां भी दीपों की रोशनी से जगमगाएंगी। आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाने लगी है। आप भी आयोजन के सहभागी बन सकते हैं।
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राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए रानी का जन्मदिवस
झांसी। गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हिंदुस्तान की जनता का वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने त्याग और शौर्य के बलबूते पर मान बढ़ाने का काम किया था। 1857 के गदर में अंग्रेजों से लोहा लेकर रानी ने भारत की नारी के पराक्रम का लोहा पूरे विश्व में मनवाया था। यही वजह है कि आज भी दुनिया में झांसी की पहली पहचान रानी के नाम से है। 19 नवंबर को रानी का जन्मदिवस पूरे झांसी में पर्व की तरह मनाया जाता है। झांसी वालों की मांग है कि रानी का जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित किया जाए और पूरे देश में आयोजन हों। साथ ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
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रानी का जन्मदिवस पूरे देश में मनाया जाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि सरकार 19 नवंबर को राष्ट्रीय पर्व घोषित करे और इस दिन सार्वजनिक अवकाश दिया जाए।
- संदीप सरावगी, अध्यक्ष - संघर्ष सेवा समिति
रानी पूरी दुनिया में नारी अस्मिता की प्रतीक हैं। आज की पीढ़ी उनके राष्ट्रप्रेम से शिक्षा ले, इसके लिए रानी का जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित करना जरूरी है।
- अंचल अड़जरिया, अध्यक्ष - राष्ट्रभक्त संगठन
वीरांगना ने खुद की कुर्बानी देकर गुलामी की जंजीरों में जकड़े देश के लोगों में आजादी की अलख जगाई थी। जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करना उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी।
- जुगल किशोर कुशवाहा, अध्यक्ष - अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा
रानी लक्ष्मीबाई आज भी पूरी दुनिया में नारी गौरव की प्रतीक हैं। उन्होंने भारत की महिला शक्ति की पूरी दुनिया में पहचान कराई थी। उनका जन्मदिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित करना महिलाओं का सम्मान होगा।
- कंचन आहूजा, अध्यक्ष - महिला व्यापार मंडल
झांसी की पहली पहचान रानी से ही है। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने से देश की महिला शक्ति का गौरव बढ़ेगा। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
- जीतू सोनी, प्रदेश महामंत्री - युवा उद्योग व्यापार मंडल
रानी का शौर्य पूरी दुनिया में याद किया जाता है। कई देशों के पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी शामिल है। रानी के जन्मदिवस के राष्ट्रीय पर्व घोषित करने से देश के अमर शहीदों का मान बढ़ेगा।
- दिनेश भार्गव, महामंत्री - बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा