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Jhansi News: सौ बेड का होगा ट्रामा सेंटर, सीटी स्कैन से लेकर अल्ट्रासाउंड तक होंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में जल्द ही बेड की कमी की समस्या दूर हो जाएगी। यहां पर बेड बढ़कर सौ हो जाएंगे। साथ ही तीन मॉड्यूलर ओटी भी बनेंगी। सीटी स्कैन से लेकर अल्ट्रासाउंड तक यहीं होंगे। बजट में प्रावधान होने के बाद कॉलेज प्रशासन के ट्रामा सेंटर को लेवल-1 बनाने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
मेडिकल कॉलेज में अभी 35 बेड का ट्रामा सेंटर है। यहां पर गंभीर मरीज ही भर्ती होते हैं। इसके बावजूद सिर्फ छह बेड का आईसीयू है। मरीजों को सीटी स्कैन जांच कराने के लिए रेडियोलॉजी सेंटर और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए वार्ड बिल्डिंग जाना पड़ता है। इससे रोगियों को परेशानी होती है। मगर जल्द ही ये सभी समस्या दूर हो जाएंगी। प्रदेश सरकार ने बजट में 300 करोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेजों के ट्रामा सेंटरों को लेवल-2 को लेवल-1 अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया है। ऐसे में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के भी ट्रामा सेंटर की तस्वीर बदलने का रास्ता साफ हो गया है। इसको लेकर काॅलेज प्रशासन शासन को ट्रामा सेंटर को लेवल-1 बनाने प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि लेवल-1 ट्रामा सेंटर बन जाने के बाद यहां बेड की संख्या बढ़कर सौ हो जाएगी। इसमें 20 आईसीयू बेड होंगे। हर बेड पर ऑक्सीजन, मॉनीटर, सक्शन मशीन उपलब्ध होगी। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन मशीन भी लगेगी। डिजिटल एक्सरे मशीनों की संख्या भी बढ़ेगी। तीन मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर होंगे। मॉडर्न ओटी में सर्जरी होने से संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में जल्द ही बेड की कमी की समस्या दूर हो जाएगी। यहां पर बेड बढ़कर सौ हो जाएंगे। साथ ही तीन मॉड्यूलर ओटी भी बनेंगी। सीटी स्कैन से लेकर अल्ट्रासाउंड तक यहीं होंगे। बजट में प्रावधान होने के बाद कॉलेज प्रशासन के ट्रामा सेंटर को लेवल-1 बनाने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
मेडिकल कॉलेज में अभी 35 बेड का ट्रामा सेंटर है। यहां पर गंभीर मरीज ही भर्ती होते हैं। इसके बावजूद सिर्फ छह बेड का आईसीयू है। मरीजों को सीटी स्कैन जांच कराने के लिए रेडियोलॉजी सेंटर और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए वार्ड बिल्डिंग जाना पड़ता है। इससे रोगियों को परेशानी होती है। मगर जल्द ही ये सभी समस्या दूर हो जाएंगी। प्रदेश सरकार ने बजट में 300 करोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेजों के ट्रामा सेंटरों को लेवल-2 को लेवल-1 अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया है। ऐसे में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के भी ट्रामा सेंटर की तस्वीर बदलने का रास्ता साफ हो गया है। इसको लेकर काॅलेज प्रशासन शासन को ट्रामा सेंटर को लेवल-1 बनाने प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि लेवल-1 ट्रामा सेंटर बन जाने के बाद यहां बेड की संख्या बढ़कर सौ हो जाएगी। इसमें 20 आईसीयू बेड होंगे। हर बेड पर ऑक्सीजन, मॉनीटर, सक्शन मशीन उपलब्ध होगी। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन मशीन भी लगेगी। डिजिटल एक्सरे मशीनों की संख्या भी बढ़ेगी। तीन मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर होंगे। मॉडर्न ओटी में सर्जरी होने से संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
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