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Jhansi News: बैरक में क्षमता से डेढ़ गुना अधिक कैदी, बंद हैं 1109 कैदी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला कारागार में इन दिनों क्षमता से करीब डेढ़ गुना ज्यादा कैदी हैं। बैरकों में भी क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं। रोजाना बढ़ रहे तापमान में क्षमता से अधिक कैदियों को बैरक में रखने से परेशानी पैदा हो रही है।
जिला कारागार में करीब सात सौ कैदियों को रखने की क्षमता है। हर बैरक में अधिकतम 70-80 कैदियों को रखे जाने लायक इंतजाम हैं, लेकिन अत्याधिक भीड़ के चलते हर बैरक में डेढ़ गुना अधिक कैदी रखे गए हैं। ठंड में कैदियों की अत्यधिक संख्या से परेशानी नहीं हुई लेकिन, अब जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा, वैसे मुश्किल पैदा होने लगी है। बैरक के भीतर कैदियों की अत्यधिक संख्या से 35 डिग्री तापमान भी मुश्किल भरा हो गया। जेल आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में कारागार में कैदियों की संख्या 1109 रही। इनमें 740 विचाराधीन कैदी हैं जबकि 353 पुरुष समेत 16 सिद्ध दोष महिलाएं हैं। हालांकि महिलाओं की बैरक अलग होने से उनको अधिक परेशानी नहीं हो रही है। विचाराधीन कैदियों के मुकदमे चलने से उनको बाहर नहीं भेजा जा सकता। वहीं, कई सिद्ध दोष बंदी भी ऐसे हैं, जिनके कुछ मामले अभी विचाराधीन हैं। इस वजह से वह भी दूसरी जेलों में नहीं भेजे जा रहे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि गर्मियों से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाते हैं। कुछ दिन पहले 25 सिद्ध दोष कैदियों को आगरा भेजा गया।ो
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