झांसी में ही रहेगा आरएमएस का मंडलीय कार्यालय
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झांसी। सड़सठ साल पुराने आरएमएस के मंडलीय कार्यालय व प्रधान अभिलेख कार्यालय के आगरा स्थानांतरण की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। इसके साथ ही पिछले छह दिनों से आंदोलन कर रहे कर्मचारी मंगलवार को काम पर वापस लौट आए।
आरएमएस कार्यालय को झांसी से आगरा स्थानांतरित किए जाने के विरोध में आरएमएस कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर थे। प्रधान डाकघर परिसर में धरना - प्रदर्शन का दौर जारी था तथा सोमवार से कर्मचारियों ने अनशन भी शुरू कर दिया था। कर्मचारियों के इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों व कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिलने लगा था। इसे दृष्टिगत रखते हुए आरएमएस मुख्यालय द्वारा उक्त कार्यालय को आगरा स्थानांतरित करने की कार्यवाही स्थगित कर दी है। यह समाचार आते ही कर्मचारियों में हर्ष की लहर दौड़ गई तथा वह आंदोलन समाप्त कर काम पर वापस लौट आए। हालांकि, उन्होंने ऐलान किया कि उक्त कार्यवाही पूरी तरह से निरस्त होने तक वह अपना आंदोलन जारी रखेेंगे।
इस मौके पर संतोष कुमार, राजीव खरे, दीपक याज्ञिक, हरीराम, रमाकांत, चंदन सिंह, अंबुज खरे, पंकज राय, के के कुशवाहा, जमीर अली, राजाराम, मोहन सेठ, संतोष लाठिया, आमोद मिश्रा, हरीओम, मनीष शर्मा, अजय कुमार शर्मा, अवशेष अहिरवार, आर पी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अब लेवल - वन के लिए होगी लड़ाई झांसी। आरएमएस कार्यालय के स्थानांतरण की कार्यवाही स्थगित होने पर आंदोलित कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री /स्थानीय सांसद उमा भारती व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य का आभार जताया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि झांसी आरएमएस कार्यालय लेवल टू में शामिल है, जिससे पत्रों का गंतव्य तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। इसे लेवल वन में शामिल कराने के लिए अब संघर्ष शुरू किया जाएगा। मालूम हो कि इस मामले में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री से वार्ता की थी, जिसके परिणाम स्वरूप कार्यालय का स्थानांतरण रुका है। जबकि, इससे पूर्व 2012 में भी कार्यालय स्थानांतरण के प्रयास किए गए थे, जिसे तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन के हस्तक्षेप के बाद रोका गया था।