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Jhansi News: जिसे हो चुकी उम्रकैद, वो बना सहकारी समिति का सभापति

Tue, 04 Apr 2023 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2023 01:15 AM IST
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The one who was imprisoned for life, became the chairman of the co-operative society
झांसी। झांसी में उम्रकैद की सजा पाने वाला साधन सहकारी समिति का निर्विरोध सभापति चुन लिया गया। अफसरों के संज्ञान में ये मामला तब आया, जब डीएम से शिकायत हुई। अब अधिकारी इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।
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पिछले महीने ही झांसी में साधन सहकारी समितियों के चुनाव संपन्न हुए हैं। इसी में से एक है गुरसराय ब्लॉक की पंडवाहा सहकारी समिति। बगरौनी गांव के भानू प्रताप ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सहकारी समिति पंडवाहा में बगरौनी निवासी सजायाफ्ता अंगद सिंह पुत्र अच्छेलाल निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। उसके सामने किसी ने पर्चा भरने की हिम्मत नहीं की। उसने आरोप लगाया कि 31 अगस्त 2013 को अंगद सिंह आदि ने बगरौनी निवासी एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 24 अप्रैल 2018 को अंगद सिंह आदि को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 19 सितंबर 2018 से वो जमानत पर है। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित सहकारी निर्वाचन मार्गदर्शिका 2023 में उल्लेख है कि निर्वाचन नियमावली के नियम 47 में सदस्यों की अनहर्ताओं का प्रावधान है। इस नियम के उप नियम 1 (घ) में प्रावधान है कि यदि उसे किसी अपराध के लिए किसी कोर्ट से दो साल से अधिक का कारावास हुआ हो और इसके विरुद्ध कोई स्थगन आदेश प्राप्त न किया गया हो। निर्वाचन के नियमावली के नियम 47 (2) में प्रावधान है कि कोई भी सहकारी समिति प्रतिनिधि के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए ऐसे व्यक्ति को नियुक्त नहीं करेगी, जो निर्वाचन नियमावली के नियम 47/1 के उपनियम (घ) में उल्लेखित अनहर्ता रखता होगा। निर्वाचन नियमावली के नियम 45 में अध्यक्ष, सभापति, उप सभापति का निर्वाचन सामान्य निकाय के अर्ह सदस्यों में से किए जाने का प्रावधान है। अंगद सिंह द्वारा उपरोक्त प्रकरण में निर्वाचन नियमावली के नियम 45 व 47 में वार्णित व्यवस्था का अनुपालन नहीं किया गया है। ऐसे में वह समिति का प्रतिनिधित्व करने की अर्हता नहीं रखते हैं। शिकायतकर्ता ने निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए पदच्युत करने के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।
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कोर्ट से ले रखा है स्टे: अंगद
इस प्रकरण में जब अंगद सिंह से बात की गई तो उसने बताया कि 2018 में कोर्ट से सजा होने के बाद हाईकोर्ट गए। उसने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है।

वर्जन..
पंडवाहा सहकारी समिति का मामला संज्ञान में आया है। जो सभापति चुना गया, उस पर सजायाफ्ता होने का आरोप है। व्हाट्सएप पर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अनूप द्विवेदी, सहायक आयुक्त, सहकारिता।
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