फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The officers are relatives of the contractors... are building bridges and culverts without tender

अफसरों के रिश्तेदार हैं ठेकेदार...बिना टेंडर के ही बना रहे पुल-पुलिया

Thu, 02 Sep 2021 01:11 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:11 AM IST
विज्ञापन
The officers are relatives of the contractors... are building bridges and culverts without tender
झांसी। सरकार ने जर्जर पड़ी पुल-पुलियों की मरम्मत का काम सिंचाई विभाग को सौंपा है लेकिन, काम पूरा होने से पहले ही इसमें तमाम अनियमिताएं सामने आने लगी हैं। सपरार प्रखंड में अभियंताओं ने यह काम अपने बेहद करीबी रिश्तेदार में ही बांट दिए। ठेके उनके रिश्तेदारों को मिले इसके लिए टेंडर भी नहीं कराए गए। वहीं, ठेकेदार ने अपने अफसर रिश्तेदार का फायदा उठाते हुए फर्जी एफडीआर लगाकर काम हासिल कर लिया।
विज्ञापन

झांसी मंडल के विभिन्न प्रखंडों में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलियों की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। योगी सरकार ने इन कार्यों को अपनी प्राथकिता के कार्यों में शुमार किया हुआ है। सभी प्रखंड को अपने स्तर पर यह काम कराने की जिम्मेदारी दी गई है। सपरार प्रखंड ने भी अपने चार डिवीजन में सेक्शनवार काम शुरू कराया लेकिन, राठ सेक्शन (कुलैंदा) में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। शासन स्तर पर हुई शिकायत में कहा गया कि टेंडर से लेकर कांट्रैक्ट करने तक के हर स्तर पर गड़बड़ी की गई। अकेले इस सेक्शन में करीब तीस लाख रुपये की लागत से पुल-पुलिया एवं मिट्टी भरान का काम कराया जाना था। सहायक अभियंता ने यह पूरा काम न सिर्फ अपने बेहद नजदीकी रिश्तेदार को सौंप दिया बल्कि काम रिश्तेदार के हिस्से मेें आए इसके लिए टेंडर ही नहीं कराए गए। पूरा काम कांट्रैक्ट के जरिए कराया गया। सहायक अभियंता की मनमानी सिर्फ यहीं नहीं थमी बल्कि उन्होंने अपने ठेकेदार रिश्तेदार के साथ खुद ही कांट्रैक्ट साइन करने से भी परहेज नहीं किया। सिंचाई विभाग के प्रावधानों में किसी अभियंता के अपने नजदीकी रिश्तेदार के माध्यम से किसी भी काम को कराने में साफ तौर पर मनाही है।
विज्ञापन

वहीं, सहायक अभियंता के रिश्तेदार ने भी मौके का भरपूर फायदा उठाया। उसने कांट्रैक्ट में जिस एफडीआर की कॉपी लगाई उस नंबर की बैंक से कोई एफडीआर जारी ही नहीं हुई। इनमें से कई कार्य के भुगतान भी किए जा चुके हालांकि कई काम बाकी बचे हुए हैं। वहीं सपरार प्रखंड के एक्सईएन अजय भारती ने इस मामले की जानकारी से इंकार किया है। उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। फर्जीवाड़ा मिलने पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी उजागर हो चुकी सपरार प्रखंड में गड़बड़ियां
सपरार प्रखंड में गड़बड़ियां उजागर होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी बिना टेंडर सिल्ट सफाई कराने का मामला भी उजागर हो चुका है। वहीं, बेतवा प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन संजय कुमार समेत तीन कर्मचारी सिल्ट सफाई मामले में गड़बड़ी करने के आरोप में निलंबित किए जा चुके हैं। पुल-पुलियों के तमाम कार्य में भी गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। जर्जर पुल-पुलियों को कई जगह छोड़कर ऐसी पुल-पुलियों की रंगाई-पुताई करा दी, जिसकी अभी आवश्यकता नहीं थी। इसके नाम पर भी पैसे डकार लिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed