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Jhansi News: जिले में 13 साल में आधी रह गईं गायें

Sun, 06 Jul 2025 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jul 2025 01:06 AM IST
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The number of cows in the district has reduced to half in 13 years
वर्ष 2012 की पशुगणना में थीं 3,52,513 गायें, 2025 में घटकर रह गईं मात्र 1,74,542
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अन्य मवेशियों की संख्या में भी दर्ज हुई कमी, पांच साल में घट गए 63,473 पशु
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिले में गो संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावों के बीच हाल में जारी हुई पशुगणना ने प्रशासन की तैयारियों और दावों की पोल खोल दी है। 13 साल पहले जहां जिले में गायों की संख्या 3,52,513 थीं, वहीं अब घटकर 1,74,542 रह गई हैं। एक दशक में गायों की संख्या घटकर आधी रह गई हैं, जो चिंता का विषय है।
गोवंश संरक्षण को लेकर सरकार लगातार नीतियां बना रही हैं। गोशालाएं खोलकर गोवंश के संरक्षण के दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद, जिले में गोवंश की संख्या बड़ी तेजी से घट रही है। 2012 में गायें 3,52,501 थीं। वर्ष 2019 में इनकी संख्या घटकर 2,26,789 रह गईं। गायों के कम होने का क्रम यही नहीं रुका। हाल में 2025 में हुई पशुगणना में भी गायों की संख्या में गिरावट आई है। अब जिले में गायों की संख्या महज 1,74,547 रह गई हैं।
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पशुओं की संख्या पर एक नजर
मवेशी वर्तमान पांच वर्ष पहले
गाय 1,74,547 2,26,789
भैंस 2,27,446 3,06,551
बकरी 2,73,241 2,60,369
भेंड़ 50,810 42,297
सूकर 1,279 4002
घोड़ा 295 431
(आंकड़े सरकारी पशुगणना के अनुसार)

हर पांच साल में होती है पशुगणना
पशुपालन विभाग की ओर से हर पांच साल में पशु गणना कराई जाती है। इस कार्य में विभागीय कर्मचारियों के साथ अन्य विभागों के प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद ली जाती है। इस बार की गणना में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पशुओं की संख्या लगातार घट रही है। वर्ष 2012 में पशुओं की संख्या 10,60,501 थी, जो 2019 में घटकर 7,95,501 हो गई। हाल ही में आई रिपोर्ट में पशुओं की संख्या 7,32,028 रह गई है।
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15 से 20 साल होती है गाय की उम्र
गाय की औसत उम्र 15 से 20 साल तक होती है। हालांकि, तमाम रोग भी लगते हैं। इनमें खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू, ब्रूसल्लोसिस, लगड़िया बुखार आदि हैं। हालांकि, गोवंश को रोग मुक्त रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम पशुपालन विभाग की ओर से किए जाते रहे हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा गोवंशों का संरक्षण किया जा सके।
जिले की 276 गोशालाओं में संरक्षित हैं 49,269 गोवंश
जिले की 276 गाेशालाओं में 49,269 गोवंश को आश्रय दिया गया है। भरण पोषण का इंतजाम पशुपालन विभाग की ओर से किया जाता है। इसके लिए विभाग प्रति पशु 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देता है। ऐसे में गोवंश के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद, गायों की संख्या में गिरावट यह दर्शाती है कि गोशालाओं के संचालन और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है।


वर्जन -
- पशुगणना के आंकड़े जारी हो चुके हैं और जनपद में लगभग सभी मवेशियों की संख्या में कमी आई है। गिरावट के कारणों की जांच की जा रही है। जब स्पष्ट कारण सामने आएंगे, तो उसी अनुसार योजनाएं बनाकर कार्यवाही की जाएगी। - डॉ. जेएस पाल, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, झांसी
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