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Jhansi News: एमएलसी बोले- स्काडा योजना में हुआ भ्रष्टाचार, की जाए कार्रवाई
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झांसी। महानगर की बिजली आपूर्ति को बेहतर और निर्बाध बनाने के लिए वर्ष 2014 में विद्युत विभाग द्वारा शुरू की गई 249 करोड़ रुपये की स्काडा योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। विधान परिषद में ये बातें एमएलसी रामतीर्थ सिंघल ने उठाई।
एमएलसी ने कहा कि इस योजना में महानगर में कई किलोमीटर भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य किया गया था और 2017 में यह योजना पूरी हो गई थी। मगर महानगर के ज्यादातर मोहल्लों में यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आज शहर में कहीं भी यह लाइन चालू नहीं है। इससे विद्युत वितरण व्यवस्था बेहतर होने की बजाय बदतर हो गई। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है। एमएलसी बोले कि इतनी बड़ी परियोजना में क्या हुआ, यह कैसे खराब हुई इसका जवाब विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भी नहीं है।
वहीं, विधानसभा में गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने गुरसराय में पेयजल आपूर्ति को नियमित रूप से संचालित कराने के पत्र पर हुई कार्रवाई पूछी। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत नगर पालिका गुरसराय, नगर पंचायत गरौठा में पेयजल की व्यवस्था के लिए संयुक्त पुनर्गठन पेयजल योजना के लिए 83.24 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। योजना के तहत संबंधित क्षेत्र में पेयजल के लिए सभी घटकों का कार्य प्रगति पर है। प्रश्नगत योजना के तहत वर्तमान में नगर पालिका परिषद गुरसराय के 25 में 20 वार्डों में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अवशेष वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्रायल एंड रन का कार्य जनवरी 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। गरौठा विधायक ने ऊर्जा मंत्री से पूछा कि बुंदेलखंड में किसान फीडरों को 10 घंटे बिजली दी जा रही है। मगर क्षेत्र में ट्यूबवेल में पानी का स्तर बहुत नीचे होने से किसान अपने खेतों में 10 घंटे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। क्या सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र में किसान फीडरों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराएगी। मंत्री एके शर्मा ने जवाब दिया कि बुंदेलखंड में कृषि पोषकों पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति निर्धारित है। बुंदेलखंड के किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए तालाब, पोखर, नालों आदि के जल से पंपिंग सेट द्वारा रबी फसलों की सिंचाई के लिए नवंबर से फरवरी तक अस्थायी निजी नलकूप संयोजन निर्गत करने की व्यवस्था है। गरौठा विधायक ने कहा कि विश्व बैंक परियोजना के तहत गरौठा से मोतीकटरा मिसिंग लिंक रोड को बनाने के लिए स्वीकृत है मगर अब तक निर्माण पूरा नहीं हुआ। सीएम ने जवाब दिया कि हमीरपुर-राठ-गरौठा-गुसराय झांसी मार्ग के चैनेज 74.55 से 110.36 तक निर्माण की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति पांच दिसंबर को दी गई है। ब्यूरो
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एमएलसी ने कहा कि इस योजना में महानगर में कई किलोमीटर भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य किया गया था और 2017 में यह योजना पूरी हो गई थी। मगर महानगर के ज्यादातर मोहल्लों में यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आज शहर में कहीं भी यह लाइन चालू नहीं है। इससे विद्युत वितरण व्यवस्था बेहतर होने की बजाय बदतर हो गई। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है। एमएलसी बोले कि इतनी बड़ी परियोजना में क्या हुआ, यह कैसे खराब हुई इसका जवाब विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भी नहीं है।
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वहीं, विधानसभा में गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने गुरसराय में पेयजल आपूर्ति को नियमित रूप से संचालित कराने के पत्र पर हुई कार्रवाई पूछी। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत नगर पालिका गुरसराय, नगर पंचायत गरौठा में पेयजल की व्यवस्था के लिए संयुक्त पुनर्गठन पेयजल योजना के लिए 83.24 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। योजना के तहत संबंधित क्षेत्र में पेयजल के लिए सभी घटकों का कार्य प्रगति पर है। प्रश्नगत योजना के तहत वर्तमान में नगर पालिका परिषद गुरसराय के 25 में 20 वार्डों में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अवशेष वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्रायल एंड रन का कार्य जनवरी 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। गरौठा विधायक ने ऊर्जा मंत्री से पूछा कि बुंदेलखंड में किसान फीडरों को 10 घंटे बिजली दी जा रही है। मगर क्षेत्र में ट्यूबवेल में पानी का स्तर बहुत नीचे होने से किसान अपने खेतों में 10 घंटे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। क्या सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र में किसान फीडरों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराएगी। मंत्री एके शर्मा ने जवाब दिया कि बुंदेलखंड में कृषि पोषकों पर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति निर्धारित है। बुंदेलखंड के किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए तालाब, पोखर, नालों आदि के जल से पंपिंग सेट द्वारा रबी फसलों की सिंचाई के लिए नवंबर से फरवरी तक अस्थायी निजी नलकूप संयोजन निर्गत करने की व्यवस्था है। गरौठा विधायक ने कहा कि विश्व बैंक परियोजना के तहत गरौठा से मोतीकटरा मिसिंग लिंक रोड को बनाने के लिए स्वीकृत है मगर अब तक निर्माण पूरा नहीं हुआ। सीएम ने जवाब दिया कि हमीरपुर-राठ-गरौठा-गुसराय झांसी मार्ग के चैनेज 74.55 से 110.36 तक निर्माण की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति पांच दिसंबर को दी गई है। ब्यूरो
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