झांसी। टूरिस्ट बसों का आकार मनमाने ढंग से बढ़ा लिया गया है। मुनाफाखोरी के चक्कर में आकार बढ़ाकर सीटें बढ़ा दी गईं हैं। लेकिन अब परिवहन विभाग ने इसे संज्ञान में लिया है। ऐसी बसों का आकार नियमानुसार घटाने के निर्देश दिए हैं। संचालकों को अपनी बसों को लगभग सात फुट छोटा करना होगा।
शहर से देश के विभिन्न प्रांतों में करीब 50 टूरिस्ट बसों का संचालन होता है। परिवहन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिली भगत से बस संचालक निर्धारित सीटों पर बसों को पास तो करा लेते हैं लेकिन बाद में सात से आठ फीट तक चेसिस की लंबाई बढ़ाकर निर्धारित सीटों से अधिक सीटों पर सवारियां बैठाते हैं। इनमें स्लीपर सीटों की संख्या भी बढ़ा दी जा रही है। लेकिन परिवहन विभाग ने अब इसे संज्ञान में लिया है और इनपर कार्रवाई करने के लिए बस संचालकों को बसों को सात फीट छोटा कराकर पुन: फिटनेस कराने का निर्देश जारी किया है। इसे लेकर बस संचालकों में हड़कंप है। इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पुरानी टूरिस्ट बसें जिनका रिकार्ड कार्यालय में मौजूद नहीं है,ऐसे बस संचालकों को बढ़ाई गए लंबाई कम करने का निर्देश दिया गया है। नई बसों के कागज कंपनी द्वारा कंप्यूटर में फीड कर दिया जा रहा है, जिसके आधार पर परिवहन विभाग वाहनों का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही परमिट जारी करता है।