फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The investigation of 228 houses made of 13 crores became silent... no officer came under fire

खामोश हो गई 13 करोड़ से बने 228 आवासों की जांच... किसी अफसर पर नहीं आई आंच

Sun, 19 Jun 2022 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
The investigation of 228 houses made of 13 crores became silent... no officer came under fire
झांसी। तेरह करोड़ की लागत से बने 228 आसरा आवासों की गुणवत्ता की जांच खामोश कर दी गई। कमेटी ने 26 नवंबर 2021 को जो जांच रिपोर्ट सौंपी उसमें किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था। इतना ही नहीं निर्माण सामग्री की लैब में जांच तक नहीं कराई गई। डूडा ने इस जांच रिपोर्ट को यह कहकर वापस कर दिया था कि कुछ साफ नहीं हो रहा है लिहाजा दोबारा से की जाए। मगर 14 महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। अब ऐसे में किसी अफसर पर जांच की आंच आने की उम्मीद भी अब दम तोड़ने लगी है।
विज्ञापन

हर गरीब का अपना घर हो इसके लिए सरकार ने आसरा आवास योजना शुरू की थी। झांसी में सबसे पहले इस प्रोजेक्ट की शुरूआत एरच से की गई थी। यहां एरच वन और एरच दो करके आसरा आवासीय योजना बनाई गई थीं। 2020 में इनका निर्माण पूरा हुआ तो प्रशासन ने पात्र परिवारों को आवंटन करना शुरू कर दिया था। एक एक करके यहां दो योजनाओं में बने सभी 228 आवासों को आवंटित कर दिया गया। लेकिन बसावट के साथ ही आसरा आवासों में कहीं प्लास्टर उखड़ने लगा था तो कहीं छत चटक रही थी। हालात ऐसे हो गए कि लोगों ने बल्लियां लगाकर छतों को मजबूती देने की कोशिश की मगर फिर भी एक मकान का छज्जा भरभराकर गिर गया जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। अफसरों ने आवासीय योजना का दौरा किया और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लगे। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने जांच बैठा दी। सीएनडीएस द्वारा बनाई गई इस योजना के जांच के घेरे में आते ही दूसरी योजनाओं की भी पड़ताल को कहा गया। लेकिन जांच में अफसरों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। एक जांच रिपोर्ट बनाकर 26 नवंबर 2021 को डूडा को दे दी गई लेकिन इस रिपोर्ट में न तो किसी को जिम्मेदार ठहराया गया और न ही निर्माण सामग्री को लेकर जांच हुई। लिहाजा डूडा ने दोबारा जांच करने की सिफारिश की। मगर आज तक जांच हो नहीं पाई है।
विज्ञापन

आसरा आवासों के जांच की फाइल को तलब किया गया है। जांच समिति के सदस्यों से वार्ता कर जांच को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलकित गर्ग, नगर आयुक्त
अफसरों की निगरानी में हुआ था निर्माण
झांसी। वर्ष 2014 और 2015 में आसरा आवासों का निर्माण शुरू हुआ था। उस वक्त शासन से आदेश जारी हुए थे कि मकानों का निर्माण अफसरों की निगरानी में कराया जाए। गुणवत्ता का ख्याल रखा जाए। लेकिन जिस तरह से इन आवासों की दुर्दशा है उससे देखकर लगता नहीं कि किसी अधिकारी ने इस तरफ झांका भी होगा।
यह भी जानिए
एरच में आसरा आवास योजना प्रथम का निर्माण जुलाई 2015 में शुरू हुआ और 2020 में 144 मकान बनकर तैयार हो गए
एरच में आसरा आवास योजना द्वितीय का निर्माण दिसंबर 2014 से शुरू हुआ और 2019 में 84 मकान बनकर तैयार हो गए
इन दोनों ही योजनाओं में बने मकानों का आवंटन 2020 में पात्र लोगों को कर दिया गया था
2020 में ही मकान आवंटन के तीन माह बाद ही एक मकान का छत्ता गिर गया जिससे चार लोग घायल हो गए थे
13 अक्तूबर 2020 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए योजना की जांच के आदेश दिए
26 नवंबर 2021 को अफसरों ने जांच कर डूडा को सौंप दी थी
27 अप्रैल 2022 को डूडा ने जांच समिति को पत्र लिखा कि जांच में कुछ साफ नहीं है लिहाजा दोबारा जांच की जाए
जांच कमेटी में यह अफसर हैं
नगर आयुक्त, जेडीए उपाध्यक्ष, आरईएस के एक्सईएन, एडीएम नमामि गंगे, यूपीआरएनएन प्रबंधक और नगर निगम के अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed