फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The groom and his brother were screaming for help...no one could do anything, the screams became silent

Jhansi News: दूल्हा और उसका भाई मदद के लिए चिल्ला रहे थे...कोई कुछ कर नहीं पाया, चीखें खामोश हो गईं

Sun, 12 May 2024 04:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2024 04:38 AM IST
विज्ञापन
The groom and his brother were screaming for help...no one could do anything, the screams became silent
घटनास्थल पर मौजूद दूल्हे के जीजा और दूसरे लोगों के सामने ही कार आग का गोला बन चुकी थी
विज्ञापन

कुछ देर बाद ही सभी बराती और घराती भी पहुंच गए थे घटनास्थल
नगेश शर्मा
झांसी। दूल्हा आकाश, उसका बड़ा भाई आशीष और चालक जयकरन मदद के लिए चिल्लाते रहे। कार से निकलने की कोशिश भी की लेकिन डीसीएम कार के पिछले हिस्से पर चढ़ी हुई थी जिससे न तो दरवाजा ही खुल पाया और न ही बाहर आने का कोई रास्ता मिला। घटनास्थल पर मौजूद दूल्हे के जीजा और उनके साथी ने कार के आग का गोला बनने से पहले अगली सीट पर बैठे रवि और रमेश को किसी तरह बाहर निकाल लिया लेकिन बाकी लोग इस तरह फंसे हुए थे कि उन्हें निकाला नहीं जा सका। यह लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे मगर कोई कुछ कर नहीं पाया। कुछ ही देर में कार से आग की लपटें उठने लगीं और चीखें भी खामोश होती चलीं गईं।
दरअसल करके की बिलायटी गांव से आकाश की बरात कारों से ही रवाना हुई थी। सात कारें बरात में शामिल थीं। सभी रस्में पूरी करने के बाद दूल्हे आकाश की कार सबसे बाद में गांव से निकली थी। दूल्हे की कार के पीछे-पीछे उसके जीजा राहुल की कार चल रही थी। जब झांसी-कानपुर हाईवे पर पारीछा फ्लाई ओवर पर डीसीएम ने दूल्हे की कार में टक्कर मारी तब सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचने वालों में उसका जीजा राहुल ही था। क्योंकि उनकी कार पीछे ही चल रही थी। बकौल राहुल, टक्कर लगते ही सीएनजी किट से धुएं के साथ हल्की सी चिंगारी निकल रही थी। वह और उनका एक साथी मदद के लिए कार तक पहुंच गए। क्योंकि आगे की सीट वाला गेट ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं था लिहाजा यहां बैठे रवि और रमेश को निकाल लिया गया था लेकिन चालक जयकरन की साइड वाला दरवाजा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिससे वह इस तरह से फंसा कि हिल भी नहीं पा रहा था। वहीं पीछे बैठे आकाश, उसका बड़ा भाई आशीष और आशीष का चार साल का बेटा मयंक भी बुरी तरह से फंसे हुए थे। इससे पहले कि वह कुछ कर पाते कार से लपटें उठने लगीं। कोई भी कार के पास तक जा नहीं पा रहा था। तत्काल ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन भी कर दिया गया था। लेकिन मदद मिलने से पहले ही इन सभी की मौत हो चुकी थी। मदद के लिए सभी चिल्ला भी रहे थे लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहा था। घटना की जानकारी 12 किलोमीटर दूर गांव छपरा में चल रहे शादी समारोह स्थल तक पहुंचाई गई। इस पर छपरा से तत्काल बराती और घराती भी मौके पर पहुंच गए। बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कार से 50 मीटर दूर तक ही लोग खड़े हो पा रहे थे।
विज्ञापन



आग में दो लाख के नगदी-जेवर हुए राख
दूल्हा आकाश की कार में दो लाख रुपये के नकदी और जेवर भी थे। आकाश के रिश्तेदारों ने बताया कि शादी में चढ़ाने के लिए जेवर भी दूल्हे की कार में ही था, इसके अलावा नगदी भी थी। कार में लगी आग को शांत करने के बाद जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें दूल्हे का जला हुआ पर्स मिला है, जिसमें जले हुए 500 के कुछ नोट मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed