फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The goods will not come from tomorrow without e-bills

कल से बिना ई-वे बिल के नहीं आ पाएगा माल

Tue, 15 Aug 2017 12:40 AM IST
amarujala
amarujala Updated Tue, 15 Aug 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
 The goods will not come from tomorrow without e-bills
gst jhansi news - फोटो : demo
झांसी। 
विज्ञापन

दूसरे राज्यों से माल मंगाने के लिए बुधवार से कारोबारियों को ई-वे बिल लगाना होगा। ई-वे बिल फार्म के लिए कारोबारियों को नया पंजीकरण लेकर यूजर आईडी और पासवर्ड लेने होेंगे, तभी उनको ऑनलाइन ई-वे बिल फार्म मिल सकेगी। हालांकि, कारोबारियों को पंजीकरण लेने के लिए कार्यालय आने की जरूरत नहीं हैं। जीएसटीएन, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर से यूजर आईडी और पासवर्ड मिल जाएंगे।
केंद्र सरकार ने एक देश, एक टैक्स का नारा देकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स तो लागू कर दिया। मगर, इससे कारोबारियों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। कारोबारियों को भरोसा था कि अब जीएसटी में दूसरे राज्य से माल मंगाने पर फार्म 38 (आयात घोषणापत्र), दूसरे राज्य में माल भेजने के लिए फार्म 21 (परिवहन मेमो) और प्रदेश से गुजरने के लिए सीमा में प्र्रवेश करने के लिए बहती नहीं बनवानी होगी। केंद्र सरकार ने भी जीएसटी लागू करने से पूर्व भी इन सभी फार्मों को खत्म करने की बात कही, लेकिन स्थितियां फिर से वैसी ही बनती जा रही है।
विज्ञापन

वाणिज्यकर विभाग फार्मों के नाम बदलकर 16 अगस्त से दोबारा वहीं पुरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। हालांकि, यह व्यवस्था पहले 26 जुलाई से लागू होने जा रही थी, मगर पंद्रह अगस्त तक इसे टाल दिया गया था। नई व्यवस्था में आयात घोषणा पत्र को ई-वे बिल और बहती को टीडीएफ (ट्रांजिस्ट डिकलरेशन फार्म) नाम दे दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘ई-वे बिल और टीडीएफ दोनों में ही कारोबारी को ऑनलाइन नया जरूरी है। पंजीकरण के लिए साइट खोल दी गई है। हालांकि, टीडीएफ में ट्रांसपोर्टरों को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है।’
एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।

ये हैं नए नियम
---------------
- उत्तर प्रदेश के बाहर के किसी स्थान से प्रदेश के अंदर 5000 रुपये अथवा उससे अधिक मूल्य के माल को मंगाने पर ई-वे बिल 01 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर या दूसरे प्रदेश में एक लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के मेंथा ऑयल, सुपारी, लोहा और इस्पात तथा सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी ई-वे बिल 02 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर ई-कामर्स ऑपरेटरों अथवा उनके द्वारा अधिकृत कोरियर अभिकर्ताओं से माल मंगाने पर ई-वे बिल 03 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश की सीमा से 5000 रुपये या उससे अधिक मूल्य का माल निकालने पर टीडीएफ-01 फार्म जनरेट कराना होगा।
- यदि कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निजी वाहन से व्यक्तिगत सामान के रूप में या किसी सार्वजनिक यात्री परिवहन वाहन के माध्यम से अपने पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ 50,000 रुपये से कम मूल्य का माल लाता है तो इसमें ई-वे बिल 01 की आवश्यकता नहीं है।

- फार्म ई-वे बिल 01, ई-वे बिल 02, ई-वे बिल 03 डाउनलोड करने से पूर्व विभागीय वेबसाइट एचटीटीपी:// सीओएमटीएएक्स.यूपी.एनआईसी.आईएन पर ऑलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
- टीडीएफ में ट्रांसपोर्टरों को नया पंजीकरण कराना जरूरी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed