फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The gang busted by GST registration in fake name in 19 cities of the state

सूबे के 19 शहरों में फर्जी नाम से जीएसटी पंजीकरण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Thu, 07 Jul 2022 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 01:33 AM IST
विज्ञापन
The gang busted by GST registration in fake name in 19 cities of the state
झांसी। जीएसटी में फर्जी नाम और पते पर पंजीकरण कराकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पने को बनाई 19 फर्जी फर्म का भंडाफोड़ हो गया। यह सभी फर्म देश के बड़े-बड़े शहरों में फर्जी नाम और पते के आधार पर बनवाई गई थीं। झांसी में भी एक फर्म पंजीकृत थी। जीएसटी अफसरों का कहना है करोड़ों रुपये के आईटीसी में खेल करने की खातिर यह फर्म बनाई गई थीं। इनका भंडाफोड़ होने के साथ ही सभी के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के साथ ही इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।
विज्ञापन

जीएसटी अफसरों के मुताबिक अप्रैल से मई माह के बीच फर्जी नाम, पता, पैनकार्ड एवं मेल आईडी का इस्तेमाल करके देश के 19 अलग-अलग शहरों में जीएसटी पंजीकरण कराया गया। इनमें झांसी समेत नई दिल्ली, नोएडा, कानपुर, लखनऊ, फरीदाबाद, गुड़गांव, जयपुर, फरीदाबाद, कर्नाटक एवं हरियाणा के जनपद शामिल थे। पंजीकरण कराने के इस खेल में एक गिरोह शामिल था। इस गिरोह ने सभी फर्म को रजिस्टर्ड कराने के लिए एक तरीके से कागज बनवाए। सभी में दक्षिणाचंल विद्युत बोर्ड के विद्युत बिल समेत चाइनीज नाम के ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया गया लेकिन, सभी में एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल हुआ था। गड़बड़ी की आशंका पर जब आईपी एड्रेस के जरिए पड़ताल हुई तब फर्जीवाड़ा उजागार हो गया। जीएसटी अफसरों ने मुताबिक यह फर्जी फर्म इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़पने की खातिर बनाई गई थीं। इन सभी का पंजीकरण निरस्त करने के साथ इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
विज्ञापन

यह होता है आइटीसी
व्यापारी को माल खरीदने के बाद इस टैक्स चुकाना होता है। इसके बाद जब व्यापारी यह माल बेचता है तब उसे कुल कीमत पर टैक्स देना होता है। इस तरह पहले माल खरीदने के बाद जितना टैक्स उसने चुकाया होता है वह उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट हो जाती है। दूसरी बार में माल बेचने पर जितना टैक्स चुकाना होता है वह इनपुट टैक्स क्रेडिट से घटा दिया जाता है। यही राशि उसे टैक्स के तौर पर महकमे में जमा करनी होती है। खरीद रसीद न दिखाने के बाद फर्जी फर्म के माध्यम से कई चेन में माल बेचकर व्यापारी करोड़ों रुपये के टैक्स बचा लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पड़ताल करने पर फर्जी नाम-पते पर 19 शहरों में जीएसटी लाइसेंस लेने की बात मालूम चली है। फर्जीवाड़ा उजागर होने पर इन सभी फर्मों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए। इसके बारे में शासन को भी अवगत कराया गया है।
भानु प्रकाश मिश्रा
अपर आयुक्त (ग्रेड वन)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed