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13 घंटे 17 मिनट का होगा पहला रोजा, तपती गर्मी में लेगा रोजेदार के सब्र का इम्तिहान

Wed, 30 Mar 2022 11:12 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:12 PM IST
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The first fast will be for 13 hours and 17 minutes, in the scorching heat, the patient will be tested for patience.
झांसी। चांद के दीदार होने पर तीन अथवा चार अप्रैल को पहला रोजा होगा। तपती गर्मी में रमजान का पहला रोजा 13 घंटे 17 मिनट का होगा। जबकि माहे रमजान का आखिरी रोजा 14 घंटे 45 मिनट का होगा। इस तरह पहले और आखिरी रोजे में एक घंटे 38 मिनट का फर्क होगा।
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माहे रमजान को इबादतों का महीना कहा जाता है। इस महीने में सवाब को दर्जा आम दिनों के मुकाबले सत्तर गुना अधिक होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादा से ज्यादा समय इबादत में गुजारते हैं। वहीं पांचों वक्त की नमाजों में शहर की मस्जिदें भी नमाजियों से भरी रहती हैं। रमजान के महीने में तीस दिन तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक भूखे प्यासे रहकर पाक परवरदिगार की इबादत करते हैं। इस साल रमजान का पहला रोजा सवा तेरह घंटे से अधिक होगा। जबकि आखिरी रोजा पौने पंद्रह घंटा का होगा।
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मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि अल्लाह रोजेदारों को हिम्मत देते हैं। हम लोगों को नबियों और साहाबियों की जिंदगी से सीख लेनी चाहिए। वह जंग के मैदान में रहकर भी रोजे नहीं छोड़ते थे। जिस तरह पांच वक्त की नमाज फर्ज है उसी तरह मुसलमानों पर पूरे महीने के रोजे भी फर्ज हैं।
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मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि सहरी से लेकर इफ्तार तक रोजेदार भूखा, प्यासा रहता है। रमजान सब्र का महीना है। सब्र का बदला अल्लाह देता है। 13 से 14 घंटे तक भूखा, प्यासा रहकर रोजेदार सब्र करता है। इसलिए अल्लाह उसे रोजा रखने की हिम्मत देते हैं। मेहनत और मजदूरी करने वाले भी रोजा रखते हैं।

रमजान का आगाज होने से पहले ही शहर के बाजारों में तरह-तरह किस्म की खजूर आ गईं है। बाजारों में ईरान, इराक व सऊदी अरब के खजूर की भरमार है। जिसमें कीमिया, अजवा, शबानी, खुबानी, कश, तईबा, मगरूम, सगई व हयात हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल दामों में बीस से तीस फीसदी का इजाफा हुआ है। शहर के बाजारों में दो सौ रुपये प्रतिकिलो से लेकर बारह सौ रुपये प्रतिकिलो की दर से खूजूर बिक रहे हैं।
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