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Jhansi News: एक साल बाद भी नहीं बदल पाई बा स्कूलों में सामान पहुंचाने वाली फर्म
Tue, 27 Feb 2024 01:31 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयाें में गुणवत्ता विहीन सामान पहुंचाने वाली फर्म को बदला नहीं गया है। मंडलायुक्त ने पिछले साल स्कूल के निरीक्षण के दौरान गुणवत्ताविहीन सामान मिलने पर फर्म को बदलने के निर्देश दिए थे।
मंडलायुक्त ने गत सत्र में कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मंडलायुक्त को बिना ब्रांड की सामग्री मिली थी। इसके बाद मंडलायुक्त ने एडी बेसिक से सभी कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण कर आख्या देने को कहा था। निरीक्षण में एडी बेसिक को भी कस्तूरबा विद्यालयों में मिली सामग्री में काफी गड़बड़ी मिली थी। खाद्य सामग्री बिना ब्रांड की थी, या फिर उस ब्रांड की नहीं थी, जिस ब्रांड की होनी चाहिए थी। जिसके बाद फर्म को बदलने के लिए निर्देश मिले थे।
प्रकरण को एक साल पूरा होने के बाद भी अब तक वही फर्म कस्तूरबा विद्यालयों में सामान पहुंचा रही है। फर्म को कई बार सामग्री में गड़बड़ी होने के कारण नोटिस भी दिया गया है। साथ ही बिल में भी कटौती की जा चुकी है। वहीं दूसरी फर्म चुने जाने में शिक्षा विभाग विफल रहा है। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि कस्तूरबा स्कूलाें में सामग्री आपूर्ति के लिए नई फर्म का टेंडर कुछ कारणों से कई बार अधूरा रह गया था। टेंडर प्रक्रिया फिर से की जानी है। इसकी फाइल जिलाधिकारी के पास अनुमति के लिए गई है।
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झांसी। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयाें में गुणवत्ता विहीन सामान पहुंचाने वाली फर्म को बदला नहीं गया है। मंडलायुक्त ने पिछले साल स्कूल के निरीक्षण के दौरान गुणवत्ताविहीन सामान मिलने पर फर्म को बदलने के निर्देश दिए थे।
मंडलायुक्त ने गत सत्र में कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मंडलायुक्त को बिना ब्रांड की सामग्री मिली थी। इसके बाद मंडलायुक्त ने एडी बेसिक से सभी कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण कर आख्या देने को कहा था। निरीक्षण में एडी बेसिक को भी कस्तूरबा विद्यालयों में मिली सामग्री में काफी गड़बड़ी मिली थी। खाद्य सामग्री बिना ब्रांड की थी, या फिर उस ब्रांड की नहीं थी, जिस ब्रांड की होनी चाहिए थी। जिसके बाद फर्म को बदलने के लिए निर्देश मिले थे।
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प्रकरण को एक साल पूरा होने के बाद भी अब तक वही फर्म कस्तूरबा विद्यालयों में सामान पहुंचा रही है। फर्म को कई बार सामग्री में गड़बड़ी होने के कारण नोटिस भी दिया गया है। साथ ही बिल में भी कटौती की जा चुकी है। वहीं दूसरी फर्म चुने जाने में शिक्षा विभाग विफल रहा है। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि कस्तूरबा स्कूलाें में सामग्री आपूर्ति के लिए नई फर्म का टेंडर कुछ कारणों से कई बार अधूरा रह गया था। टेंडर प्रक्रिया फिर से की जानी है। इसकी फाइल जिलाधिकारी के पास अनुमति के लिए गई है।
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