{"_id":"668f15d36ce308526208fd75","slug":"the-faces-of-111-youth-lit-up-as-soon-as-they-received-the-appointment-letters-of-lekhpal-jhansi-news-c-11-jhs1019-349410-2024-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलते ही चमक उठे 111 युवाओं के चेहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलते ही चमक उठे 111 युवाओं के चेहरे
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वर्षों से जिसके लिए तपस्या की, उसका फल मिलते ही युवाओं के चेहरे चमक उठे। बुधवार को एनआईसी सभागार में 111 युवाओं को लेखपाल का नियुक्ति पत्र दिया गया, इसमें 50 महिलाएं भी शामिल हैं। उनके बीच खुशी बांटने के लिए विधायक जवाहर लाल राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
विधायक ने कहा कि लेखपाल गांव और सरकार के बीच की पहली कड़ी होता है। अगर वह अपना काम ईमानदारी से करे तो इसका फायदा सीधे जरूरतमंद लोगों को मिलेगा। अतिथियों ने एक-एक चयनित लेखपाल को बुलाकर उनको नियुक्ति पत्र दिए। चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी पहुंचे थे। नियुक्ति पत्र मिलने पर अभिभावकों ने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। नियुक्ति पत्र के साथ ही उनकी तैनाती भी कर दी गई।
-- -- -- -
परिजनों में नहीं खुशी का ठिकाना
सीपरी बाजार निवासी पूजा यादव को पहले प्रयास में कामयाबी हाथ लगी। वह एसएससी की तैयारी कर रही थीं। लेखपाल की भर्ती आने पर उन्होंने फार्म भर तैयारी शुरू कर दी। उनका चयन हुआ तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पूजा के मुताबिक पिता ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं। परिवार की वह पहली बेटी हैं, जिसे सरकारी नौकरी मिली है। पूजा को पहली तैनाती टहरौली में मिली है।
विज्ञापन
--
परिवार के लिए लेखपाल दीदी बनीं दीक्षा
सिविल लाइंस निवासी दीक्षा कुशवाहा लैब टेक्नीशियन बनना चाहती थीं। परिवार के लोग भी यही चाहते थे। वर्ष 2022 में जब भर्ती आई तो दीक्षा ने भी फार्म भर दिया। दीक्षा का चयन होते ही परिवार में खुशी छा गई। दीक्षा अब परिवार के लिए लेखपाल दीदी बन गई हैं। दीक्षा की पहली तैनाती टहरौली में हुई है।
-- -
शिक्षक की नौकरी छोड़ बन गईं लेखपाल
मऊरानीपुर निवासी नेहा श्रीवास मध्य प्रदेश में सरकारी अध्यापिका थीं लेकिन, जब यहां लेखपाल की भर्ती निकली तो उन्होंने फार्म भर दिया। उनको कामयाबी मिल गई। लेखपाल बनने के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश की नौकरी छोड़ दी। बुधवार को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके साथ परिवार के लोग भी आए थे।
-- -
लेखपाल बनकर जरूरतमंदों की करेंगी मदद
एसएससी की तैयारी करते-करते टहरौली निवासी शिखा पटेल लेखपाल बन गईं। पिता खेती-किसानी करते हैं। परिवार के लोग भी गांव में रहते हैं। इस वजह से अक्सर लेखपालों से वास्ता पड़ता है। नियुक्ति पत्र मिलने पर उनके साथ आए परिजनों का भी चेहरा चमक उठा। शिखा ने भी कहा कि नौकरी के दौरान वह जरूरतमंदों की मदद करेंगी।
-- -- -- -- -
साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना
गुरसराय निवासी धर्मेंद्र श्रीवास के लेखपाल बनने से उनके परिवार के लोग बेहद खुश नजर आए। यहां उनके परिवार की पहली नौकरी है। धर्मेंद्र के परिजन खेती-किसानी करते हैं। परिवार के लोगों की चाहत थी कि बेटे को सरकारी नौकरी मिले।
-- -- -- -
पहली कोशिश में मिली कामयाबी
बड़ागांव निवासी राजनंदनी सिंह को भी पहले ही प्रयास में कामयाबी मिल गई। उनके परिवार में पिता एवं भाई पहले से सरकारी नौकरी में हैं। राजनंदनी का कहना है कि पहले प्रयास में कामयाबी मिलने की खुशी ही अलग है।
इनसेट
तहसीलवार नवनियुक्त लेखपाल
तहसील महिला पुरुष कुल
झांसी 3 12 15
मोंठ 10 16 26
मऊरानीपुर 13 11 24
गरौठा 13 11 24
टहरौली 11 10 22
विज्ञापन
झांसी। वर्षों से जिसके लिए तपस्या की, उसका फल मिलते ही युवाओं के चेहरे चमक उठे। बुधवार को एनआईसी सभागार में 111 युवाओं को लेखपाल का नियुक्ति पत्र दिया गया, इसमें 50 महिलाएं भी शामिल हैं। उनके बीच खुशी बांटने के लिए विधायक जवाहर लाल राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
विधायक ने कहा कि लेखपाल गांव और सरकार के बीच की पहली कड़ी होता है। अगर वह अपना काम ईमानदारी से करे तो इसका फायदा सीधे जरूरतमंद लोगों को मिलेगा। अतिथियों ने एक-एक चयनित लेखपाल को बुलाकर उनको नियुक्ति पत्र दिए। चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी पहुंचे थे। नियुक्ति पत्र मिलने पर अभिभावकों ने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। नियुक्ति पत्र के साथ ही उनकी तैनाती भी कर दी गई।
विज्ञापन
परिजनों में नहीं खुशी का ठिकाना
सीपरी बाजार निवासी पूजा यादव को पहले प्रयास में कामयाबी हाथ लगी। वह एसएससी की तैयारी कर रही थीं। लेखपाल की भर्ती आने पर उन्होंने फार्म भर तैयारी शुरू कर दी। उनका चयन हुआ तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पूजा के मुताबिक पिता ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं। परिवार की वह पहली बेटी हैं, जिसे सरकारी नौकरी मिली है। पूजा को पहली तैनाती टहरौली में मिली है।
विज्ञापन
परिवार के लिए लेखपाल दीदी बनीं दीक्षा
सिविल लाइंस निवासी दीक्षा कुशवाहा लैब टेक्नीशियन बनना चाहती थीं। परिवार के लोग भी यही चाहते थे। वर्ष 2022 में जब भर्ती आई तो दीक्षा ने भी फार्म भर दिया। दीक्षा का चयन होते ही परिवार में खुशी छा गई। दीक्षा अब परिवार के लिए लेखपाल दीदी बन गई हैं। दीक्षा की पहली तैनाती टहरौली में हुई है।
शिक्षक की नौकरी छोड़ बन गईं लेखपाल
मऊरानीपुर निवासी नेहा श्रीवास मध्य प्रदेश में सरकारी अध्यापिका थीं लेकिन, जब यहां लेखपाल की भर्ती निकली तो उन्होंने फार्म भर दिया। उनको कामयाबी मिल गई। लेखपाल बनने के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश की नौकरी छोड़ दी। बुधवार को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके साथ परिवार के लोग भी आए थे।
लेखपाल बनकर जरूरतमंदों की करेंगी मदद
एसएससी की तैयारी करते-करते टहरौली निवासी शिखा पटेल लेखपाल बन गईं। पिता खेती-किसानी करते हैं। परिवार के लोग भी गांव में रहते हैं। इस वजह से अक्सर लेखपालों से वास्ता पड़ता है। नियुक्ति पत्र मिलने पर उनके साथ आए परिजनों का भी चेहरा चमक उठा। शिखा ने भी कहा कि नौकरी के दौरान वह जरूरतमंदों की मदद करेंगी।
साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना
गुरसराय निवासी धर्मेंद्र श्रीवास के लेखपाल बनने से उनके परिवार के लोग बेहद खुश नजर आए। यहां उनके परिवार की पहली नौकरी है। धर्मेंद्र के परिजन खेती-किसानी करते हैं। परिवार के लोगों की चाहत थी कि बेटे को सरकारी नौकरी मिले।
पहली कोशिश में मिली कामयाबी
बड़ागांव निवासी राजनंदनी सिंह को भी पहले ही प्रयास में कामयाबी मिल गई। उनके परिवार में पिता एवं भाई पहले से सरकारी नौकरी में हैं। राजनंदनी का कहना है कि पहले प्रयास में कामयाबी मिलने की खुशी ही अलग है।
इनसेट
तहसीलवार नवनियुक्त लेखपाल
तहसील महिला पुरुष कुल
झांसी 3 12 15
मोंठ 10 16 26
मऊरानीपुर 13 11 24
गरौठा 13 11 24
टहरौली 11 10 22