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झांसी : बरात में बज रहा था डीजे, काजी ने किया निकाह पढ़ाने से इनकार, 25 हजार जुर्माना

Mon, 03 Jan 2022 02:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Jan 2022 02:44 AM IST
सार

पुलिया नंबर नौ स्थित अस्थाई शादी घर में बरात गुरसराय से आई थी। सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ ही अल्लाह से तौबा करने पर अदा की गई निकाह की रस्म।

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The DJ was playing in the function so the Qazi refused to chant marriage in jhansi
निकाह - फोटो : amar ujala

विस्तार

महानगर के पुलिया नंबर 9 स्थित पानी की टंकी के पास अस्थाई विवाह घर में पहुंची बरात में डीजे बजता देख काजी ने निकाह पढ़ाने से इंकार कर दिया। काफी मान मनौवल के बाद जब शहर का कोई भी काजी निकाह पढ़ाने के लिए राजी नहीं हुआ तो लड़की व लड़के पक्ष के लोगों ने मंच से माफी मांगी। इस दौरान काजी ने 25 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का एलान दिया। चार घंटे के बाद निकाह की रस्म पूरी हो सकी।   

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पुलिया नंबर नौ स्थित एक परिवार में गुरसराय से बरात आनी थी। इसके लिए लड़की पक्ष के लोगों ने खाली पड़े मैदान को विवाह घर में तब्दील कर दिया था। बरात आने से पहले लड़की पक्ष के लोग स्वागत के लिए जुटे हुए थे। लड़की पक्ष के लोगों ने काजी को भी बुला लिया था। बरात में शामिल लोग डीजे की धुन पर नाचते हुए आ रहे थे। जैसे ही बरात शादी विवाह घरपर पहुंची तो काजी बरात में डीजे देखकर नाराज हो गए।
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उन्होंने निकाह पढ़ाने से इंकार कर दिया। यह खबर सुनते ही इलाके के इमाम कारी सुलेमान, कारी सलीम, हाफिज रिजवान व हाफिज अताउल्ला सहित कई इमामों ने मौके पर काजी का समर्थन किया। काजियों को मनाने के लिए बराती और घराती पक्ष के लोग जुट गए। लाख कोशिशों के बाद भी काजी निकाह पढ़ाने के लिए राजी नहीं हुए तो लोगों ने शहर के कई काजियों से संपर्क कर निकाह पढ़ाने का आग्रह किया। लेकिन स्थिति को भांपते हुए शहर का कोई भी काजी निकाह पढ़ाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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काफी आग्रह के बाद वर वधू-पक्ष के लोगों ने अल्लाह से तौबा कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। वहीं काजियों ने भी 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया। शादी घर में लगभग चार घंटे के बाद निकाह की रस्म को पूरा किया जा सका। लड़की के चाचा ने बताया कि पूर्व में ही लड़के पक्ष के लोगों को शरीयत के तरीके से बरात लाने का आग्रह किया गया था। लेकिन बराती डीजे लेकर पहुंचे जिस पर काजी ने निकाह पढ़ाने से इंकार कर दिया था।  


पूर्व में बैठक कर यह एलान कर दिया गया था जो शादी शरीयत के नियमों के खिलाफ होगी उस शादी में शहर का कोई भी काजी निकाह नहीं पढ़ाएगा। शादी वाले परिवार को एक सप्ताह पहले ही शरीयत के तरीके से शादी करने की हिदायत दी गई थी। लेकिन बरात में डीजे होने पर निकाह पढ़ाने से इंकार कर दिया गया था। अल्लाह से तौबा करने के साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर ही निकाह पढ़ाया गया है। 
हाफिज अता उल्ला, इमाम मस्जिद मदीना 

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