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नीलम से अफरोज बनी युवती की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए कब्र से निकाला जाएगा शव
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झांसी। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की अफरोज खान उर्फ नीलम अहिरवार की पिछले दिनों झांसी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उसके शव को यहीं के एक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। अफरोज के ससुराल पक्ष के लोगों का कहना था कि उसकी मौत जहर खाने से हुई थी, जबकि पिता ने हत्या की आशंका जताई है। इसकी जांच कर रही एमपी पुलिस ने बुधवार को झांसी प्रशासन से अफरोज के शव को कब्र से बाहर निकालने की अनुमति मांगी है। मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही विसरा की भी जांच होगी।
छतरपुर के सिविल लाइन थाना इलाके की युवती नीलम अहिरवार ने चार साल पहले मुस्लिम धर्म के युवक नया पन्ना नाका निवासी तब्बू उर्फ तालिब खान से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद नीलम का नाम बदलकर अफरोज खान रख दिया गया था। शुरुआत में पति - पत्नी के रिश्ते ठीक चलते गए लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते में खटास आ गई थी जिससे आए दिन पति - पत्नी के बीच विवाद होता था। गृह कलह से तंग आकर अफरोज ने छह जुलाई को जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे छतरपुर के मिशन हॉस्पिटल में दाखिल कराया था। बावजूद, हालत और बिगड़ती गई। ऐसे में उसे झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। जिस पर उसे ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे ग्वालियर लेकर जा रहे थे, इसी दरम्यान उसकी मौत हो गई। अफरोज के साथ आए ससुराल पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर प्रेमनगर के ईदगाह कब्रिस्तान उसे दफना दिया। इसमें प्रेमनगर थाना इलाके में रहने वाले अफरोज के पति तब्बू के मामा ने बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, छतरपुर पुलिस से की गई शिकायत में अफरोज खान उर्फ नीलम अहिरवार के पिता ने पुत्री की हत्या की आशंका जताई। इसके बाद मामले की पड़ताल में जुटी छतरपुर पुलिस बुधवार को झांसी आई। छतरपुर के नगर पुलिस अधीक्षक ने झांसी प्रशासन से अफरोज का शव कब्र से बाहर निकालने की अनुमति मांगी है, ताकि उसका पोस्टमार्टम कराया जा सके। साथ ही विसरा की भी जांच कराई जाएगी। यह सभी काम मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा।
पत्नी की कब्र पर फूट-फूटकर रोया पति
झांसी। पिता द्वारा अफरोज उर्फ नीलम की हत्या की आशंका जताए जाने के बाद उसके पति तब्बू उर्फ तालिब को एमपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को छतरपुर पुलिस उसे झांसी लेकर आई। पुलिस अफरोज के पति के साथ मौका मुआयना करने प्रेमनगर के ईदगाह कब्रिस्तान पर पहुंची। यहां पहुंचते ही तब्बू पत्नी की कब्र से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। तकरीबन दस मिनट तक वो यूं ही रोता रहा। किसी तरह वहां मौजूद पुलिस ने उसे संभाला।
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अंतर धार्मिक विवाह की पारिवारिक परंपरा
झांसी। नया पन्ना नाका निवासी तब्बू उर्फ तालिब खान ने हिंदू युवती से शादी की थी। ये उसके परिवार का कोई पहला मामला नहीं है। बल्कि, अंतर धार्मिक विवाह की पारिवारिक परंपरा रही है। छतरपुर के सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर राजेश सिंह बंजारा ने बताया कि तब्बू उर्फ तालिब खान के दादा हिंदू हैं और उन्होंने मुस्लिम युवती से शादी की थी। दोनों की संतान कमल नाम का बेटा है, जिसने मुस्लिम युवती से शादी कर अपना नाम कमाल खान रख लिया। कमाल खान की संतान तब्बू उर्फ तालिब खान है, जिसने हिंदू युवती से शादी रचाई और बाद में वो मुस्लिम बन गई।
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छतरपुर के सिविल लाइन थाना इलाके की युवती नीलम अहिरवार ने चार साल पहले मुस्लिम धर्म के युवक नया पन्ना नाका निवासी तब्बू उर्फ तालिब खान से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद नीलम का नाम बदलकर अफरोज खान रख दिया गया था। शुरुआत में पति - पत्नी के रिश्ते ठीक चलते गए लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते में खटास आ गई थी जिससे आए दिन पति - पत्नी के बीच विवाद होता था। गृह कलह से तंग आकर अफरोज ने छह जुलाई को जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे छतरपुर के मिशन हॉस्पिटल में दाखिल कराया था। बावजूद, हालत और बिगड़ती गई। ऐसे में उसे झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। जिस पर उसे ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे ग्वालियर लेकर जा रहे थे, इसी दरम्यान उसकी मौत हो गई। अफरोज के साथ आए ससुराल पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर प्रेमनगर के ईदगाह कब्रिस्तान उसे दफना दिया। इसमें प्रेमनगर थाना इलाके में रहने वाले अफरोज के पति तब्बू के मामा ने बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, छतरपुर पुलिस से की गई शिकायत में अफरोज खान उर्फ नीलम अहिरवार के पिता ने पुत्री की हत्या की आशंका जताई। इसके बाद मामले की पड़ताल में जुटी छतरपुर पुलिस बुधवार को झांसी आई। छतरपुर के नगर पुलिस अधीक्षक ने झांसी प्रशासन से अफरोज का शव कब्र से बाहर निकालने की अनुमति मांगी है, ताकि उसका पोस्टमार्टम कराया जा सके। साथ ही विसरा की भी जांच कराई जाएगी। यह सभी काम मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा।
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पत्नी की कब्र पर फूट-फूटकर रोया पति
झांसी। पिता द्वारा अफरोज उर्फ नीलम की हत्या की आशंका जताए जाने के बाद उसके पति तब्बू उर्फ तालिब को एमपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को छतरपुर पुलिस उसे झांसी लेकर आई। पुलिस अफरोज के पति के साथ मौका मुआयना करने प्रेमनगर के ईदगाह कब्रिस्तान पर पहुंची। यहां पहुंचते ही तब्बू पत्नी की कब्र से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। तकरीबन दस मिनट तक वो यूं ही रोता रहा। किसी तरह वहां मौजूद पुलिस ने उसे संभाला।
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अंतर धार्मिक विवाह की पारिवारिक परंपरा
झांसी। नया पन्ना नाका निवासी तब्बू उर्फ तालिब खान ने हिंदू युवती से शादी की थी। ये उसके परिवार का कोई पहला मामला नहीं है। बल्कि, अंतर धार्मिक विवाह की पारिवारिक परंपरा रही है। छतरपुर के सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर राजेश सिंह बंजारा ने बताया कि तब्बू उर्फ तालिब खान के दादा हिंदू हैं और उन्होंने मुस्लिम युवती से शादी की थी। दोनों की संतान कमल नाम का बेटा है, जिसने मुस्लिम युवती से शादी कर अपना नाम कमाल खान रख लिया। कमाल खान की संतान तब्बू उर्फ तालिब खान है, जिसने हिंदू युवती से शादी रचाई और बाद में वो मुस्लिम बन गई।