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Jhansi News: उधार बिजली मिलने के दिन होंगे खत्म, प्रीपेड मीटर लगाने को आगे आई कंपनी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली विभाग घरों में जल्द ही प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी में है। कुछ दिनों पहले झांसी, ललितपुर, जालौन में प्री-पेड मीटर लगाने के लिए कंपनी को भी नामित कर दिया गया। अफसरों का कहना है कि अभी तक किसी कंपनी के तैयार न होने की वजह से यह काम नहीं हो रहा था। उपभोक्ताओं पर बिजली का भारी-भरकम बकाया हो जाने से सरकार ने करीब दो साल पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना लागू की थी। योजना की शुरूआत में सरकारी कार्यालय समेत अधिकारी आवासों में यह मीटर लगाए जाने थे लेकिन, इसके लिए कोई कंपनी ही आगे नहीं आई। इस वजह से शासन की यह महत्वाकांक्षी परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब शासन ने इसे ठंडे बस्ते से फिर निकाला है। पिछले माह कराए गए टेंडर में दो बिजली कंपनियों को काम सौंप दिया है। झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा में जीनस नामक कंपनी का प्रीपेड मीटर लगाने का काम दिया गया है। बिजली अफसरों के मुताबिक प्रीपेड मीटर में एक छोटा सा मॉडम लगा रहेगा। इसे सर्वर के साथ उपभोक्ताओं के मोबाइल से कनेक्ट कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को इसके जरिए पता चलेगा कि उनके पास कितना बैलेंस है। बैलेंस खत्म होने पर बिजली बंद हो जाएगी। रीचार्ज सिस्टम से बिजली चालू और बंद होगी। अधीक्षण अभियंता चंद्रजीत प्रसाद के मुताबिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए शासन स्तर से कवायद हो रही है।
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झांसी। बिजली विभाग घरों में जल्द ही प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी में है। कुछ दिनों पहले झांसी, ललितपुर, जालौन में प्री-पेड मीटर लगाने के लिए कंपनी को भी नामित कर दिया गया। अफसरों का कहना है कि अभी तक किसी कंपनी के तैयार न होने की वजह से यह काम नहीं हो रहा था। उपभोक्ताओं पर बिजली का भारी-भरकम बकाया हो जाने से सरकार ने करीब दो साल पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना लागू की थी। योजना की शुरूआत में सरकारी कार्यालय समेत अधिकारी आवासों में यह मीटर लगाए जाने थे लेकिन, इसके लिए कोई कंपनी ही आगे नहीं आई। इस वजह से शासन की यह महत्वाकांक्षी परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब शासन ने इसे ठंडे बस्ते से फिर निकाला है। पिछले माह कराए गए टेंडर में दो बिजली कंपनियों को काम सौंप दिया है। झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा में जीनस नामक कंपनी का प्रीपेड मीटर लगाने का काम दिया गया है। बिजली अफसरों के मुताबिक प्रीपेड मीटर में एक छोटा सा मॉडम लगा रहेगा। इसे सर्वर के साथ उपभोक्ताओं के मोबाइल से कनेक्ट कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को इसके जरिए पता चलेगा कि उनके पास कितना बैलेंस है। बैलेंस खत्म होने पर बिजली बंद हो जाएगी। रीचार्ज सिस्टम से बिजली चालू और बंद होगी। अधीक्षण अभियंता चंद्रजीत प्रसाद के मुताबिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए शासन स्तर से कवायद हो रही है।