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Jhansi News: हादसे में मृत पिता के बेटे को आयोग ने दिलाए दस लाख
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। करीब दो साल पहले अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत के बाद मृतक के पुत्र ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी लखनऊ से क्लेम मांगा था। कंपनी के इन्कार पर उसने उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। राष्ट्रीय लोक अदालत में यह मामला सुलह से सुलझ गया। मृतक के परिजन को दस लाख रुपये मिलना तय हुआ।
गणेश विहार कॉलोनी में रहने वाले कुणाल ने उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। उल्लेख किया था कि 21 जुलाई 2023 को पाल कॉलोनी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से उनके पिता अनिल की मौत हो गई थी। उन्होंने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड कंपनी से बीमा कर रखा था। कंपनी से 15 लाख रुपये मय ब्याज के दिलाने की मांग की थी। लेकिन कंपनी का कहना था कि मृतक के पास घटना के वक्त ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसीलिए क्लेम नहीं बनता लेकिन कुणाल के अधिवक्ता गणेश खरे ने लोक अदालत में कुणाल को बीमा कंपनी की ओर से दस लाख रुपये दिलाकर दोनों में समझौता कराया। समझौते पर सोमवार को आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह व सदस्य देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने हस्ताक्षर किए।
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झांसी। करीब दो साल पहले अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत के बाद मृतक के पुत्र ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी लखनऊ से क्लेम मांगा था। कंपनी के इन्कार पर उसने उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। राष्ट्रीय लोक अदालत में यह मामला सुलह से सुलझ गया। मृतक के परिजन को दस लाख रुपये मिलना तय हुआ।
गणेश विहार कॉलोनी में रहने वाले कुणाल ने उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। उल्लेख किया था कि 21 जुलाई 2023 को पाल कॉलोनी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से उनके पिता अनिल की मौत हो गई थी। उन्होंने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड कंपनी से बीमा कर रखा था। कंपनी से 15 लाख रुपये मय ब्याज के दिलाने की मांग की थी। लेकिन कंपनी का कहना था कि मृतक के पास घटना के वक्त ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसीलिए क्लेम नहीं बनता लेकिन कुणाल के अधिवक्ता गणेश खरे ने लोक अदालत में कुणाल को बीमा कंपनी की ओर से दस लाख रुपये दिलाकर दोनों में समझौता कराया। समझौते पर सोमवार को आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह व सदस्य देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने हस्ताक्षर किए।
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