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Jhansi News: बिना फायर एनओसी और पंजीकरण के कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी होंगी सील
Fri, 10 Jul 2026 02:38 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:38 AM IST
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झांसी। लखनऊ के अलीगंज में हुए कोचिंग कांड के बाद से जिले के अधिकारी भी तेवर में दिख रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम गौरांग राठी ने चेतावनी दी कि बिना फायर एनओसी व पंजीकरण के कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी नहीं चलेंगे। अगर संचालित पाए गए तो तत्काल इन्हें सील किया जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों की बैठक में डीएम ने आदेश जारी किए। सभी कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक लाइब्रेरियों में सघन अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जनपद के सभी थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी की सूची तैयार करें। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल प्रत्येक कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी।
बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर सुशील बाबू ने संचालकों को पंजीकरण शुल्क, प्रमाण पत्र और नियमों से जुड़ी बिंदुवार विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर जेडीए हिमांशु गौतम, एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीएफओ आरके राय, आपदा विशेषज्ञ धीरज पाठक आदि मौजूद रहे।
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जांच अभियान के मुख्य बिंदु
संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता और आपातकालीन निकास के रास्तों की गहन जांच होगी।
हादसों को रोकने के लिए बिजली की वायरिंग और सुरक्षा मानकों की विशेष जांच की जाएगी।
जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता खत्म हो चुकी है, उन्हें तुरंत सील किया जाएगा।
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बिना एनओसी और पंजीकरण वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई
जिन कोचिंग सेंटरों के पास अभी तक जेडीए और फायर विभाग की एनओसी नहीं है। उन्हें 10 दिन के भीतर करना होगा।
यदि कोचिंग सेंटर किराए की बिल्डिंग में है, तो भवन स्वामी को फायर और जेडीए से एनओसी लेनी होगी। ऐसा न होने पर कोचिंग सेंटर को सील होगा।
उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली 2002 के तहत सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है।
बिना पंजीकरण के संचालन नहीं किया जा सकेगा। हर नई शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा।
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कलक्ट्रेट सभागार कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों की बैठक में डीएम ने आदेश जारी किए। सभी कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक लाइब्रेरियों में सघन अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जनपद के सभी थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी की सूची तैयार करें। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल प्रत्येक कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी।
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बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर सुशील बाबू ने संचालकों को पंजीकरण शुल्क, प्रमाण पत्र और नियमों से जुड़ी बिंदुवार विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर जेडीए हिमांशु गौतम, एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीएफओ आरके राय, आपदा विशेषज्ञ धीरज पाठक आदि मौजूद रहे।
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जांच अभियान के मुख्य बिंदु
संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता और आपातकालीन निकास के रास्तों की गहन जांच होगी।
हादसों को रोकने के लिए बिजली की वायरिंग और सुरक्षा मानकों की विशेष जांच की जाएगी।
जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता खत्म हो चुकी है, उन्हें तुरंत सील किया जाएगा।
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बिना एनओसी और पंजीकरण वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई
जिन कोचिंग सेंटरों के पास अभी तक जेडीए और फायर विभाग की एनओसी नहीं है। उन्हें 10 दिन के भीतर करना होगा।
यदि कोचिंग सेंटर किराए की बिल्डिंग में है, तो भवन स्वामी को फायर और जेडीए से एनओसी लेनी होगी। ऐसा न होने पर कोचिंग सेंटर को सील होगा।
उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली 2002 के तहत सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है।
बिना पंजीकरण के संचालन नहीं किया जा सकेगा। हर नई शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा।