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नर्सिंगहोमों में प्रसव कराने पर नहीं मिलेगा ‘आयुष्मान’ का वरदान
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झांसी। आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी गर्भवती महिलाएं अब निजी अस्पतालों में प्रसव नहीं करा सकेंगी। सरकारी अस्पतालों में ही डिलीवरी कराने पर योजना का लाभ मिलेगा। बताया गया कि कुछ जिलों में नर्सिंगहोम अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में सामान्य की जगह सिजेरियन डिलीवरी कर रहे थे। इसके बाद ये आदेश जारी हुआ है।
आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में की थी। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जा रहा है। योजना के लाभार्थी को एक गोल्डन कार्ड दिया जाता है। इसकी मदद से वो योजना से संबद्ध अस्पतालों में साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। झांसी में इस योजना के तहत 19 नर्सिंगहोम समेत 34 अस्पताल पंजीकृत हैं। सूत्रों के मुताबिक शासन द्वारा नामित एक एजेंसी ने पाया कि नर्सिंगहोम मुनाफा कमाने के लिए सामान्य प्रसव की बजाए ऑपरेशन कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में ही लाभार्थियों को प्रसव कराने पर योजना का लाभ मिलने का आदेश जारी हो गया है।
चार साल में शासन उठा चुका 14.24 करोड़ खर्च
झांसी में 3,95,033 गोल्डन कार्ड लाभार्थी हैं। इनमें से 2,69,469 के कार्ड बन चुके हैं। पिछले चार सालों में 12887 लाभार्थियों ने सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया। इसमें से 12004 ने क्लेम किया। अब तक 9600 लाभार्थियों का शासन 14.24 करोड़ रुपये खर्च उठा चुका है।
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अब आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी महिलाएं सरकारी अस्पतालों में ही प्रसव करा सकेंगी। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बहुत बेहतर हैं। - डॉ. उत्सव राज, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, झांसी।
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आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में की थी। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जा रहा है। योजना के लाभार्थी को एक गोल्डन कार्ड दिया जाता है। इसकी मदद से वो योजना से संबद्ध अस्पतालों में साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। झांसी में इस योजना के तहत 19 नर्सिंगहोम समेत 34 अस्पताल पंजीकृत हैं। सूत्रों के मुताबिक शासन द्वारा नामित एक एजेंसी ने पाया कि नर्सिंगहोम मुनाफा कमाने के लिए सामान्य प्रसव की बजाए ऑपरेशन कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में ही लाभार्थियों को प्रसव कराने पर योजना का लाभ मिलने का आदेश जारी हो गया है।
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चार साल में शासन उठा चुका 14.24 करोड़ खर्च
झांसी में 3,95,033 गोल्डन कार्ड लाभार्थी हैं। इनमें से 2,69,469 के कार्ड बन चुके हैं। पिछले चार सालों में 12887 लाभार्थियों ने सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया। इसमें से 12004 ने क्लेम किया। अब तक 9600 लाभार्थियों का शासन 14.24 करोड़ रुपये खर्च उठा चुका है।
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अब आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी महिलाएं सरकारी अस्पतालों में ही प्रसव करा सकेंगी। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बहुत बेहतर हैं। - डॉ. उत्सव राज, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, झांसी।