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Jhansi News: बीयू परिसर में थार चालक पुलिसकर्मी ने पूर्व सहायक रजिस्ट्रार को रौंदा, मौत

Sun, 26 Apr 2026 02:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2026 02:28 AM IST
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Thar-driving policeman runs over former Assistant Registrar on BU campus; victim dies.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अंदर पुलिसकर्मी की तेज रफ्तार थार की चपेट में आने से पूर्व सहायक रजिस्ट्रार मनीराम वर्मा (70) की मौके पर ही मौत हो गई। थार की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसमें फंसकर स्कूटी करीब 50 मीटर दूर तक घसीटती गई। मनीराम कार के पहिए के नीचे दबे रहे। हादसे के बाद कार सवार चार पुलिसवाले उतरकर गर्ल्स हॉस्टल के रास्ते भाग निकले। पोस्टमार्टम के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन शव को बीयू गेट पर रखकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने शिनाख्त करके आरोपी सिपाही रजत को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके खिलाफ जांच शुरू कराई गई है।

शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा चल रही थी। बीयू परिसर के भीतर सेवानिृवत्त सहायक रजिस्टार मनीराम वर्मा (70) रहते थे। वे मूल रूप से एरच के भदरवारा गांव के रहने वाले थे। परिजनों ने पुलिस को बताया दोपहर करीब 12 बजे मनीराम बेटी से मिलने गए थे वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है उनके कैंपस के भीतर पहुंचते ही परीक्षा भवन की तरफ से तेज रफ्तार में काले रंग की थार गाड़ी ने उनको सामने से टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद स्कूटी उसमें फंस गई। कार उसे घसीटते हुए ले गई। मनीराम भी उसमें फंसे रहे गए। कार में चार पुलिसकर्मी सवार थे। हादसे के बाद सभी कार छोड़कर गर्ल्स हॉस्टल के रास्ते भाग निकले। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम समेत अन्य पुलिस अफसर पहुंच गए। किसी तरह थार का पहिया हटाकर मनीराम को बाहर निकालकर मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
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पेपर देने जा रहे पोते को रास्ते में मिला बाबा का शव
मनीराम के पोते आशीष भी होमगार्ड की परीक्षा देने ललितपुर जा रहा था। आशीष के मुताबिक वह बाइक से पेपर देने निकला था, जैसे ही वह परीक्षा भवन के गेट के पास से गुजरा, तभी थार गाड़ी के नीचे स्कूटी और एक व्यक्ति दबा था। उनके सिर्फ पैर दिख रहे थे। उस समय आशीष को इसका कतई भान नहीं था यह उसके बाबा का शव है। बेहद जल्दबाजी में वह परीक्षा देने चला गया। जब वह हंसारी पहुंचा तब उसके पिता ने फोन करके हादसे की बात बताई। इसके बाद वह भी मौके पर आया।
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नाराज परिजनों को मनाने में छूटे पुलिस अफसरों के पसीने
हादसे से नाराज परिजनों एवं विश्वविद्यालय कर्मियों को मनाने में पूरा दिन पुलिस अफसरों के पसीने छूटते रहे। विश्वविद्यालय में हादसे के बाद से ही वहां तमाम छात्र एवं कर्मचारी आ जुटे थे। विश्वविद्यालय का माहौल न बिगड़ने इसके लिए भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। मजिस्ट्रेट प्रमोद झा भी मौके पर काफी देर तक डटे रहे। पोस्टमार्टम के बाद जब परिवार के लोग शव लेकर विश्वविद्यालय पहुंते, तब फिर से हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने कार्रवाई न होने पर अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। हालांकि, पुलिस अफसरों के समझाने पर वह राजी हो गए। उधर, मनीराम की मौत के बाद से परिवार में रोना-पिटना मचा है। उनकी पत्नी लाड़कुंवर की कई साल पहले मौत हो चुकी। उनकी दो बेटियों डॉ. माया एवं दमयंती हैं, जबकि एक बेटा गिरीश है।


इनसेट
कार मालिक को तलाश रही पुलिस
थार के गाड़ी नंबर के आधार पर यह कार प्रेमनगर के प्रभात अग्रवाल के नाम पर पंजीकृत मिली लेकिन, कार मालिक का कुछ पता नहीं चला। नवाबाद थाने में कार नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस उसे भी तलाश करने में जुटी है।
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