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दस हजार घरों का नौ घंटे गुल रहा करंट
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झांसी। बड़ागांव के दुनारा ट्रांसमिशन से मेडिकल सब स्टेशन आने वाली हाइटेंशन बिजली लाइन का केबल बक्सा फटने से शुक्रवार की रात में दस हजार घरों की बिजली नौ घंटे तक बंद रही। वक्त पर फाल्ट नहीं मिलने पर उन्नाव गेट हाइटेंशन लाइन से जोड़कर संबंधित क्षेत्रों की बिजली को चालू किया गया। देर शाम तक केबल बक्सा को दुरुस्त करने का काम चलता रहा।
शुक्रवार रात 12.30 बजे मेडिकल सब स्टेशन की हाईटेंशन बिजली की लाइन का केबल बक्सा फट गया। इससे संबंधित क्षेत्रों के करीब दस हजार घरों की बिजली गुल हो गई। कोहरे होने से और ज्यादा दिक्कत हो गई। शनिवार की सुबह बिजली कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग कर फाल्ट को तलाशा, लेकिन वह नौ बजे तक नहीं मिल सका।
उधर, बिजली नहीं आने पर सबस्टेशन व अधिकारियों के पास लोगों के फोन घनघनाना शुरू हो गए। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उन्नाव गेट सब स्टेशन की हाइटेंशन लाइन से मेडिकल सबस्टेशन से जुड़े क्षेत्रों की बिजली को शुरू किया गया। दोपहर में फाल्ट का पता लगने के बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ। साढ़े नौ बजे बिजली सुचारु हो सकी। बिजली नहीं आने से संबंधित क्षेत्रों की सुबह की जलापूर्ति भी प्रभावित रही।
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ये प्रमुख मोहल्ले जुड़े हैं
- कोछाभांवर, करगुवां, सिंधी कॉलोनी, पिछोर, वीरांगना नगर, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, शिवाजी नगर, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, जेडीए कॉलोनी, डड़ियापुरा, नारायण बाग, तलैया, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, बाहर बड़ागांव गेट, सखी के हनुमान आदि क्षेत्र जुड़े हैं।
यह भी समस्या
पैरामेडिकल कॉलेज के निकट बना मेडिकल सब स्टेशन तीस साल पुराना बिजली घर है। यह बिजली घर हंसारी ट्रांसमिशन हाउस से जुड़ा नहीं है। पहले इस सब स्टेशन को 18 किलोमीटर दूर स्थित पारीछा 132 केवीए ट्रांसमिशन पावर हाउस से करंट मिलता था। मगर, पिछले छह साल से सब स्टेशन को बड़ागांव के दुनारा में बनाए गए 220 केवीए ट्रांसमिशन पावर हाउस से जोड़ दिया गया। करंट मिलने की दूरी तो कम हो गई, मगर 33 केवीए लाइन पुरानी ही है। इस लाइन में तेज हवा और बारिश के कारण फाल्ट आ जाते हैं। कई खंभे भी नीचे से टेढ़े हो गए हैं। सब स्टेशन से घनी आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पैरा मेडिकल कॉलेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय समेत पानी की दो टंकियां जुड़ी हुई हैं। शहर के हजारों उपभोक्ताओं को यहीं से बिजली मिलती है।
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शुक्रवार रात 12.30 बजे मेडिकल सब स्टेशन की हाईटेंशन बिजली की लाइन का केबल बक्सा फट गया। इससे संबंधित क्षेत्रों के करीब दस हजार घरों की बिजली गुल हो गई। कोहरे होने से और ज्यादा दिक्कत हो गई। शनिवार की सुबह बिजली कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग कर फाल्ट को तलाशा, लेकिन वह नौ बजे तक नहीं मिल सका।
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उधर, बिजली नहीं आने पर सबस्टेशन व अधिकारियों के पास लोगों के फोन घनघनाना शुरू हो गए। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उन्नाव गेट सब स्टेशन की हाइटेंशन लाइन से मेडिकल सबस्टेशन से जुड़े क्षेत्रों की बिजली को शुरू किया गया। दोपहर में फाल्ट का पता लगने के बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ। साढ़े नौ बजे बिजली सुचारु हो सकी। बिजली नहीं आने से संबंधित क्षेत्रों की सुबह की जलापूर्ति भी प्रभावित रही।
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ये प्रमुख मोहल्ले जुड़े हैं
- कोछाभांवर, करगुवां, सिंधी कॉलोनी, पिछोर, वीरांगना नगर, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, शिवाजी नगर, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, जेडीए कॉलोनी, डड़ियापुरा, नारायण बाग, तलैया, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, बाहर बड़ागांव गेट, सखी के हनुमान आदि क्षेत्र जुड़े हैं।
यह भी समस्या
पैरामेडिकल कॉलेज के निकट बना मेडिकल सब स्टेशन तीस साल पुराना बिजली घर है। यह बिजली घर हंसारी ट्रांसमिशन हाउस से जुड़ा नहीं है। पहले इस सब स्टेशन को 18 किलोमीटर दूर स्थित पारीछा 132 केवीए ट्रांसमिशन पावर हाउस से करंट मिलता था। मगर, पिछले छह साल से सब स्टेशन को बड़ागांव के दुनारा में बनाए गए 220 केवीए ट्रांसमिशन पावर हाउस से जोड़ दिया गया। करंट मिलने की दूरी तो कम हो गई, मगर 33 केवीए लाइन पुरानी ही है। इस लाइन में तेज हवा और बारिश के कारण फाल्ट आ जाते हैं। कई खंभे भी नीचे से टेढ़े हो गए हैं। सब स्टेशन से घनी आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पैरा मेडिकल कॉलेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय समेत पानी की दो टंकियां जुड़ी हुई हैं। शहर के हजारों उपभोक्ताओं को यहीं से बिजली मिलती है।