फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Teachers became the owners of 12 colleges while teaching in universities and colleges

यूनिवर्सिटी और महाविद्यालयों में पढ़ाते-पढ़ाते 12 कॉलेजों के मालिक बन गए शिक्षक

Sat, 09 Apr 2022 12:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Teachers became the owners of 12 colleges while teaching in universities and colleges
झांसी। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाते-पढ़ाते 8 शिक्षक 12 कॉलेजों के मालिक बन गए। इसमें बीयू के ही पांच से छह शिक्षकों ने अपने परिजनों या फिर पार्टनरशिप में कॉलेज खोल रखे हैं। ऐसा भी नहीं है कि किसी को इसकी भनक न हो। शिकायत मिलने के बावजूद कॉलेजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। बीयू अफसरों से मिलीभगत करके ये शिक्षक अपने कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनवाते हैं।
विज्ञापन

बीयू प्रशासन नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए जिन शिक्षकों को जिम्मेदारियां देता हैं, उनमें कई तो खुद अप्रत्यक्ष रूप से कॉलेज संचालक होते हैं। बताया गया कि बीयू के शिक्षकों ने अपने परिजनों के नाम से शिवपुरी मार्ग, ललितपुर मार्ग, जालौन आदि इलाकों में कॉलेज खोल रखा है। इसके अलावा कॉलेजों के शिक्षक भी रिश्तेदारों के नाम पर ललितपुर, बांदा, चित्रकूट समेत कई जिलों में कॉलेज संचालित कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बीयू इन शिक्षकों को ही मूल्यांकन, गोपनीय और परीक्षा के कामों में लगा देता है। जिन शिक्षकों का खुद ही कॉलेज चल रहा है, उनसे भला क्या उम्मीद की जाएगी कि वो किसी महाविद्यालय में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करेंगे? ऐसे में ये शिक्षक अपने साथियों को भी कोई खामी मिलने पर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाते हैं। इससे कॉलेज संचालकों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। इसी की आड़ में धड़ल्ले से नकल का खेल चलता है। खास बात ये है कि इन शिक्षकों को बीयू अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है। सब कुछ जानते हुए भी बीयू के अधिकारी इन शिक्षकों से काम लेते हैं। वहीं, इस मामले में कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय का कहना है कि ये मामला गंभीर है। पता कराया जाएगा कि किन-किन शिक्षकों के परिजनों के कॉलेज हैं। उनसे मूल्यांकन, परीक्षा, गोपनीय आदि कार्य नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन

एक ही शिक्षक के पांच से छह कॉलेज
डिग्री कॉलेज में पढ़ाते-पढ़ाते एक ही शिक्षक ने पांच से छह महाविद्यालय खोल लिए। एक ही नहीं शिक्षक के कई जनपदों में महाविद्यालय है।
परीक्षा विभाग में बैठे हैं घाघ कर्मचारी
बीयू के परीक्षा विभाग में भी काफी समय से घाघ कर्मचारी बैठे हुए हैं। आए दिन इन कर्मचारियों पर आरोप लगते रहते हैं। फिर भी बीयू प्रशासन इतने गोपनीय विभागों की जिम्मेदारी भी विवादित कर्मचारियों को दिए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कठपुतली बनकर रह गए अधिकारी
बीयू में इस समय माहौल बेहद खराब चल रहा है। हाल ये है कि बड़े से लेकर छोटे अधिकारी तक कुछ शिक्षकों, कर्मचारियों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए हैं। दिन भर शिक्षक, कर्मचारी अधिकारियों के कमरों में बैठे रहते हैं और अपने हिसाब से फैसले कराते रहते हैं। अधिकारी भी अपने चहेतों के खिलाफ कुछ नहीं सुनना चाहते। इस कारण बीयू प्रशासन इस साल नकल रोकने में नाकाम साबित हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed