{"_id":"602d66088ebc3ee95457b603","slug":"teacher-mother-most-fight-with-criminal-after-that-not-save-life-jhansi-news-jhs188810674","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारे का खूब किया प्रतिरोध, नहीं बचा सकी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारे का खूब किया प्रतिरोध, नहीं बचा सकी जान
विज्ञापन
झांसी। हत्या से पहले शिक्षक की मां ने कड़ा प्रतिरोध किया। उनके शरीर पर खरोंच के कई निशान मिले हैं। सिर पर भी चोट है। गले में पड़ी माला, चश्मा एवं कान के टॉप्स जमीन पर बिखरे मिले हैं। रामरती अपने पास एक मोबाइल रखती थीं, जो गायब है। लेकिन, अन्य सामान मौके पर पड़ा होने से लूट की आशंका को बल नहीं मिल रहा है। बावजूद पुलिस हर बिंदु पर गहनता से पड़ताल कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में ऐसा कोई शोरशराबा भी नहीं हुआ, जिससे पता लगता कि कोई घटना हुई हो। उनका कहना है कि पास की पहाड़ी पर रातभर कच्ची शराब बिकती है। आधी रात के बाद भी नशेड़ी वहां घूमते रहते हैं। नशे की पिनक में किसी नशेड़ी ने घटना को अंजाम दिया हो। वहीं, पुलिस लूट समेत अन्य बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। लूट के इरादे से हत्या की बात पुलिस के भी गले नहीं उतर रही है। रामरती के पास से सिर्फ मोबाइल गायब है जबकि नाक, कान में पहने आभूषण वहीं जमीन पर पड़े मिले। अगर लूट के इरादे से बदमाश आता तब वह इनको भी लेकर जाता। पुलिस का कहना है रामरती ने पिछले माह बड़ागांव गेट बाहर स्थित अपना पुश्तैनी मकान बेचा था। इससे काफी पैसे मिले थे, लेकिन पैसे के बारे में परिजन भी नहीं बता पा रहे। हत्यारे की तलाश में जुटे अफसरों का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
दबंग प्रवृत्ति की थीं
रामरती की उम्र भले अधिक हो गई थी, लेकिन परिजनों का कहना है वह दबंग प्रवृत्ति की थीं। पति मोहनलाल वर्मा की पांच वर्ष पहले कैंसर से मौत हो गई। उसके बाद पूरे परिवार पर उनका नियंत्रण था। उनको किसी की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं थी। रामरती के तीन बेटों में बड़ा धीरज ग्वालियर में एवं छोटा बेटा केशव बड़ागांव गेट के बाहर बैग का कारोबार करते हैं। तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं। शिक्षक बनने के बाद हेमंत ने प्लॉट खरीद लिया था। यहां घर बनवाने की पूरी जिम्मेदारी रामरती ने उठा रखी थी। मजदूर एवं ठेकेदार का पूरा हिसाब करती थीं। परिजन भी हत्या की वजह नहीं बता पा रहे। परिजनों का कहना कि रामरती का न किसी से पैसों का लेनदेन था, न किसी से विवाद था।
विज्ञापन
तीन पुलिस टीम लगाई गई हैं। हत्या की वजहों की तलाश की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में ऐसा कोई शोरशराबा भी नहीं हुआ, जिससे पता लगता कि कोई घटना हुई हो। उनका कहना है कि पास की पहाड़ी पर रातभर कच्ची शराब बिकती है। आधी रात के बाद भी नशेड़ी वहां घूमते रहते हैं। नशे की पिनक में किसी नशेड़ी ने घटना को अंजाम दिया हो। वहीं, पुलिस लूट समेत अन्य बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। लूट के इरादे से हत्या की बात पुलिस के भी गले नहीं उतर रही है। रामरती के पास से सिर्फ मोबाइल गायब है जबकि नाक, कान में पहने आभूषण वहीं जमीन पर पड़े मिले। अगर लूट के इरादे से बदमाश आता तब वह इनको भी लेकर जाता। पुलिस का कहना है रामरती ने पिछले माह बड़ागांव गेट बाहर स्थित अपना पुश्तैनी मकान बेचा था। इससे काफी पैसे मिले थे, लेकिन पैसे के बारे में परिजन भी नहीं बता पा रहे। हत्यारे की तलाश में जुटे अफसरों का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
विज्ञापन
दबंग प्रवृत्ति की थीं
रामरती की उम्र भले अधिक हो गई थी, लेकिन परिजनों का कहना है वह दबंग प्रवृत्ति की थीं। पति मोहनलाल वर्मा की पांच वर्ष पहले कैंसर से मौत हो गई। उसके बाद पूरे परिवार पर उनका नियंत्रण था। उनको किसी की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं थी। रामरती के तीन बेटों में बड़ा धीरज ग्वालियर में एवं छोटा बेटा केशव बड़ागांव गेट के बाहर बैग का कारोबार करते हैं। तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं। शिक्षक बनने के बाद हेमंत ने प्लॉट खरीद लिया था। यहां घर बनवाने की पूरी जिम्मेदारी रामरती ने उठा रखी थी। मजदूर एवं ठेकेदार का पूरा हिसाब करती थीं। परिजन भी हत्या की वजह नहीं बता पा रहे। परिजनों का कहना कि रामरती का न किसी से पैसों का लेनदेन था, न किसी से विवाद था।
विज्ञापन
तीन पुलिस टीम लगाई गई हैं। हत्या की वजहों की तलाश की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी