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जिले भर में तलाशे जाएंगे क्षय रोगी

Sun, 27 Dec 2020 12:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2020 12:56 AM IST
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TB paisent searching start in city
झांसी। टीबी मरीज की खोज के लिए राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान (एसीएफ) के दूसरे फेज की शुरूआत हो गई है। इस चरण में टीमें अनाथालय, नारी निकेतन, शेल्टर होम में जाकर क्षय रोगी की खोज करेंगी। शनिवार को सीएमओ ने टीबी हारेगा, देश जीतेगा एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान के तहत जिला कारागार में हो रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। दूसरे चरण में घर-घर जांच होगी।
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वर्ष 2025 तक टीबी हारेगा, देश जीतेगा के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए वर्ष 2017 से एसीएफ की शुरूआत की गई थी। इसके तहत एक निश्चित आबादी में टीबी के मरीजों की खोज शुरू हुई। वर्ष 2017 से एसीएफ के आठ फेज में दो करोड़ से अधिक आबादी की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 17880 लोगों के बलगम की जांच हुई जिसमें 757 टीबी के मरीज खोजे गए। 26 दिसंबर से वर्ष 2020-21 का दूसरा फेज शुरू हुआ है। इसमें तीन चरणों में अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में 26 दिसंबर से एक जनवरी तक अनाथालय, वृद्धाश्रम, जिला कारागार, बाल संरक्षण गृह, नारी निकेतन, शेल्टर होम, मदरसा, नवोदय विद्यालय में टीमें जाकर क्षय रोगियों की खोज करेंगी। टीबी के साथ इनकी कोविड की भी जांच होगी।
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दूसरे चरण में दो जनवरी से 12 जनवरी तक शहरी और ग्रामीण मलिन बस्तियों में टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर बलगम की जांच करेंगी। इस दौरान एचआईवी और डायबिटीज रोग से पीड़ित मरीजों की विशेष रूप से जांच की जाएगी। तीसरे चरण में 13 जनवरी से 25 जनवरी तक जनपद के निजी अस्पतालों में टीमें जाकर डॉक्टरों से संपर्क कर क्षय रोगियों के बारे में डाटा लेंगी। संदिग्ध क्षय रोगी की बलगम की जांच सीबी नाट द्वारा की जाएगी। यदि क्षय रोगी मिलता है तो उसका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर करते हुए इलाज शुरू कर दिया जाएगा। क्षय रोगियों की कोविड की भी जांच होगी। टीबी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ललित मोहन ने बताया कि इस अभियान के लिए टीबी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। ब्लॉक स्तर पर टीमें बना दी गई हैं। वर्तमान में जनपद में 4262 टीबी मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। उधर अभियान के तहत जिला कारागार में चल रही गतिविधियों के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजकिशोर, एसीएमओ डॉ. एनके जैन, डॉ. विशाल अग्रवाल मौजूद रहे।
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