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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Taking a lift became fatal for Sonu, case of three people dying in an accident in Gursarai

Jhansi News: सोनू के लिए जानलेवा हो गया लिफ्ट लेना, गुरसराय में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत का मामला

Sun, 20 Jul 2025 01:49 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2025 01:49 AM IST
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Taking a lift became fatal for Sonu, case of three people dying in an accident in Gursarai

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। शनिवार दोपहर गुरसराय के गढ़बई गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सोनू अहिरवार (30) को गुरसराय से आगे जाना था। वह सड़क पर खड़े वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उपेंद्र शर्मा कार से पहुंचे। सोनू के लिफ्ट मांगने पर उपेंद्र ने कार रोककर उसे भी बैठा लिया। वे लोग करीब पांच किलोमीटर दूर गढ़बई गांव तक ही पहुंचे थे, तभी हादसा हो गया। हादसे में सोनू की भी जान चली गई। काफी देर तक सोनू की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। शाम को हादसे की खबर जब पुलिस कर्मियों ने उसके परिजन को दी, तब परिवार के लोगों को यकीन नहीं हुआ। उसके परिजन का कहना था कि हादसे के करीब आधे घंटे पहले सोनू ने गुरसराय में होने की बात कही थी।

वहीं, हादसे के बाद से पिता-पुत्र की मौत ने माधव शर्मा के घर में कोहराम मचा दिया। उपेंद्र की बेटी सौम्या और बेटा सुमित है। सौम्या की शादी हो चुकी, जबकि सुमित लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता है। सुमित से ही मिलने उपेंद्र अपने पिता माधव शर्मा के साथ निकले थे। वहीं, माधव शर्मा का एक पुत्र अमेंद्र दिल्ली में डॉक्टर हैं। वह परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं।
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इनसेट

हादसे का मंजर देखते ही हर एक के मुंह से निकला उफ



हादसे के आसपास का मंजर घटना की भयावहता खुद ही बयां कर रहा था। घटना स्थल के आसपास कार के टुकड़े पड़े थे। कार के अंदर ही तीनों सवार फंसे थे। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसके ही मुंह से उफ निकल आया। तेज रफ्तार डंपर की सीधी टक्कर से कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए थे। कार का करीब 90 फीसदी हिस्सा ही गायब हो गया था। पीछे की सिर्फ डिग्गी दिख रही थी। ड्राइविंग सीट पर बैठे चालक का शव कार की सीट से चिपक गया था। शव कार में ही बुरी तरह से फंसा हुआ था। पुलिस को सभी को बाहर निकालने में करीब दो घंटे लगे। किसी तरह क्रेन एवं गैस कटर की मदद से कार को काटकर तीनों को बाहर निकाला था। कार चला रहे उपेंद्र का शव सबसे बाद में निकाला जा सका। हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि तमाम लोग इसे देखने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे।
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