{"_id":"69514b25ef87d9495d04df27","slug":"symbol-of-love-taj-mahal-crowds-flock-to-see-the-seventh-wonder-of-the-world-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Symbol of love: ताजमहल...विश्व के सातवें अजूबा का दीदार करने उमड़ रही भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Symbol of love: ताजमहल...विश्व के सातवें अजूबा का दीदार करने उमड़ रही भीड़
Sun, 28 Dec 2025 09:09 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 28 Dec 2025 09:09 PM IST
सार
आगरा में शाहजहां-मुमताज की कब्र पर साल 2025 की समाप्ति से चार दिन पहले शनिवार को मोहब्बत की बेमिसाल निशानी देखने वालों का सैलाब उमड़ा।
विज्ञापन
26 दिसंबर को ली गई ताजमहल की तस्वीर के दौरान की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में शाहजहां-मुमताज की कब्र पर साल 2025 की समाप्ति से चार दिन पहले शनिवार को मोहब्बत की बेमिसाल निशानी देखने वालों का सैलाब उमड़ा। गुनगुनी धूप और गजब की भीड़ से होकर देखने हम भी गए। जगह-जगह गहरा पहरा। संग-ए-मरमर में समाए हुए ख़्वाबों की सेल्फी लेने की होड़ में क्या हिन्दू, क्या मुसलमान... क्या उत्तर क्या दक्षिण भारत... वैश्विक संगम के बीच अरब देश की दो युवतियां आपस में बात करती दिखीं, 'यहां तो मुसलमान से ज्यादा हिंदू ताज का दीदार कर रहे हैं'। वहीं पूर्वोत्तर की एक युवती दूसरी से पूछ रही थी, 'इसे क्यूं बनाया था'।
यादें संजोने को हर उम्र के दिखे बेताब
उजली देह पर मुमताज की मोहब्बत की नायाब निशानी के अलावा भी मुगल शासक की बड़ी सोच रही होगी। यमुना तीरे ताज के सामने बनी मस्जिद, अतिथि भवन, महल पर स्पष्ट आयतें, लाल किले से सीधी निगहबानी, वैकल्पिक नदी मार्ग और बहुत कुछ...। इस्लाम के प्रचार-प्रसार की... शहंशाह शाहजहां की बेहद मजबूत प्रशासनिक और सामरिक समझ भी साफ नजर आती है। इन दिनों 400 साल से अधिक पुराने इस कलात्मक महल के गुंबद से हो रहे रिसाव को रोकने का काम तेजी से चल रहा है फिर भी दुनिया के सात अजूबों में शामिल इस खूबसूरत धरोहर को यादों को संजोने के लिए युवा तो युवा बच्चे-बुजुर्ग भी बेताब दिखे।
इसके बारे मशहूर शायर शकील बदायुनी लिखते हैं...
मरहले प्यार के आसान भी हैं दुश्वार भी हैं।
दिल को इक जोश इरादों को जवानी दी है।।
इतिहासकार बताते हैं कि ताजमहल के गुंबद पर शाहजहां के जमाने में 466 किलो का सोने का कलश लगा था, जो उसकी भव्यता में चार चांद लगता था। उसे अंग्रेज ले गए। मौजूदा नकली कलश काले पड़ गए हैं। फिर भी ताज की खूबियों पर शायर महशर बदायुनी लिखते हैं...
विज्ञापन
अफ़्लाक से या कहकशाँ टूट पड़ी है।
या कोई हसीना है कि बेपर्दा खड़ी है।।
रिपोर्ट- अमरनाथ (आगरा से लौटकर)
ताजमहल में मौजूद भीड़ का वीडियो...
विज्ञापन
यादें संजोने को हर उम्र के दिखे बेताब
उजली देह पर मुमताज की मोहब्बत की नायाब निशानी के अलावा भी मुगल शासक की बड़ी सोच रही होगी। यमुना तीरे ताज के सामने बनी मस्जिद, अतिथि भवन, महल पर स्पष्ट आयतें, लाल किले से सीधी निगहबानी, वैकल्पिक नदी मार्ग और बहुत कुछ...। इस्लाम के प्रचार-प्रसार की... शहंशाह शाहजहां की बेहद मजबूत प्रशासनिक और सामरिक समझ भी साफ नजर आती है। इन दिनों 400 साल से अधिक पुराने इस कलात्मक महल के गुंबद से हो रहे रिसाव को रोकने का काम तेजी से चल रहा है फिर भी दुनिया के सात अजूबों में शामिल इस खूबसूरत धरोहर को यादों को संजोने के लिए युवा तो युवा बच्चे-बुजुर्ग भी बेताब दिखे।
विज्ञापन
इसके बारे मशहूर शायर शकील बदायुनी लिखते हैं...
मरहले प्यार के आसान भी हैं दुश्वार भी हैं।
दिल को इक जोश इरादों को जवानी दी है।।
इतिहासकार बताते हैं कि ताजमहल के गुंबद पर शाहजहां के जमाने में 466 किलो का सोने का कलश लगा था, जो उसकी भव्यता में चार चांद लगता था। उसे अंग्रेज ले गए। मौजूदा नकली कलश काले पड़ गए हैं। फिर भी ताज की खूबियों पर शायर महशर बदायुनी लिखते हैं...
विज्ञापन
अफ़्लाक से या कहकशाँ टूट पड़ी है।
या कोई हसीना है कि बेपर्दा खड़ी है।।
रिपोर्ट- अमरनाथ (आगरा से लौटकर)
ताजमहल में मौजूद भीड़ का वीडियो...
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन