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Jhansi News: स्वच्छता सर्वेक्षण में परखे जाएंगे आत्मनिर्भर वार्ड
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झांसी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सालाना स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रत्येक चुनावी वार्ड की सफाई व्यवस्था अलग से परखी जाएगी। पिछले वर्ष कूड़ा खत्म करने वाले आत्मनिर्भर वार्ड चिन्हित किए गए थे। अबकी इन वार्डों का अलग से मूल्यांकन होगा। इस बार निगम अफसरों के सामने रैंकिंग में सुधार को लेकर भारी दबाव है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों की साफ-सफाई व्यवस्था का हर साल आकलन होता है। पिछले वर्ष झांसी की रैंकिंग पूरे देश में 18वें से गिरकर 57वें नंबर पर जबकि प्रदेश में दूसरे से पांचवें स्थान पर पहुंच गई थी। सर्वे के लिए केंद्रीय टीम फिर यहां आई हुई है। टीम कूड़ा उठाने की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों में सफाई, कूड़ा निस्तारण व्यवस्था समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटी है। नई गाइड लाइन के मुताबिक सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पिछली दफा डोर-टू-डोर कचरा, खुले में कचरा डंप करने की वजह से नंबर गंवाने पड़े थे। इस दफा निगम प्रशासन ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान पर खास तौर पर फोकस किया है। अपर नगर आयुक्त मो.कमर का कहना है सर्वे के लिए
अलग-अलग टीम यहां आएंगी। रैंकिंग में सुधार के लिए आम लोगों को भी भागीदारी करनी होगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों की साफ-सफाई व्यवस्था का हर साल आकलन होता है। पिछले वर्ष झांसी की रैंकिंग पूरे देश में 18वें से गिरकर 57वें नंबर पर जबकि प्रदेश में दूसरे से पांचवें स्थान पर पहुंच गई थी। सर्वे के लिए केंद्रीय टीम फिर यहां आई हुई है। टीम कूड़ा उठाने की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों में सफाई, कूड़ा निस्तारण व्यवस्था समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटी है। नई गाइड लाइन के मुताबिक सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पिछली दफा डोर-टू-डोर कचरा, खुले में कचरा डंप करने की वजह से नंबर गंवाने पड़े थे। इस दफा निगम प्रशासन ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान पर खास तौर पर फोकस किया है। अपर नगर आयुक्त मो.कमर का कहना है सर्वे के लिए
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अलग-अलग टीम यहां आएंगी। रैंकिंग में सुधार के लिए आम लोगों को भी भागीदारी करनी होगी।