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मध्य प्रदेश में मिला मंकी पॉक्स का संदिग्ध, बुंदेलखंड में बढ़ा खतरा
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झांसी। मंकी पॉक्स का खतरा अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इंदौर में एक संदिग्ध मिलने के बाद झांसी में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। यहां पर आइसोलेशन वार्ड तैयार हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजे जाएंगे।
झांसी के कई लोगों का इंदौर आना-जाना रहता है। दिवाली पर स्टीकर माला से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स का काफी सामान इंदौर से ही आता है। ऐसे में वहां पर मंकी पॉक्स के संदिग्ध रोगी ने झांसी में खौफ बढ़ा दिया है। शासन की और से जारी निर्देशों में बताया गया कि मंकी पॉक्स के लक्षण दो से चार सप्ताह तक सामने आते हैं। मगर कुछ रोगी गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस बीमारी में मृत्यु दर एक से दस प्रतिशत हो सकती है। ये बीमारी जानवरों से मानव अथवा एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है। ये वायरस कटी-फटी त्वचा, सांस नली अथवा आंख, नाक या मुंह से शरीर में प्रवेश करता है। वहीं, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मंकी पॉक्स के मद्देनजर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के अलावा सभी सीएचसी में 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। अगर कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। लैब से जांच के बाद 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट आ जाएगी।
मरीजों में ये लक्षण मिलते
- बुखार
- चकत्ते
- सूजी हुई लिम्फनोड्स
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झांसी के कई लोगों का इंदौर आना-जाना रहता है। दिवाली पर स्टीकर माला से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स का काफी सामान इंदौर से ही आता है। ऐसे में वहां पर मंकी पॉक्स के संदिग्ध रोगी ने झांसी में खौफ बढ़ा दिया है। शासन की और से जारी निर्देशों में बताया गया कि मंकी पॉक्स के लक्षण दो से चार सप्ताह तक सामने आते हैं। मगर कुछ रोगी गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस बीमारी में मृत्यु दर एक से दस प्रतिशत हो सकती है। ये बीमारी जानवरों से मानव अथवा एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है। ये वायरस कटी-फटी त्वचा, सांस नली अथवा आंख, नाक या मुंह से शरीर में प्रवेश करता है। वहीं, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मंकी पॉक्स के मद्देनजर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के अलावा सभी सीएचसी में 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। अगर कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। लैब से जांच के बाद 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट आ जाएगी।
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मरीजों में ये लक्षण मिलते
- बुखार
- चकत्ते
- सूजी हुई लिम्फनोड्स