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स्कूल में ही की पढ़ाई, चार टॉपरों में से तीन ने बिना कोचिंग सफलता पाई

Sat, 23 Jul 2022 02:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2022 02:36 AM IST
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Studied in school, three out of four toppers got success without coaching
झांसी। सीबीएसई के परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के चार टॉपरों में से तीन ने बिना कोचिंग किए ही सफलता पाई है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कभी भी समय देखकर पढ़ाई नहीं की। जितनी भी देर पढ़ा, पूरा मना लगाकर पढ़ाई की। परीक्षा के बाद मेधावियों ने अच्छे अंक की उम्मीद लगाई थी। मगर इनमें से कइयों को ये नहीं लगता था कि वो जिला या फिर स्कूल टॉप करेंगे। अब परीक्षा में सफलता पाने के बाद भविष्य में कोई विद्यार्थी इंजीनियर तो कोई डॉक्टर बनना चाहता है। पेश है बातचीत के अंश।
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सेल्फ स्टडी की, जब मौका मिला तब पढ़ा: जान्या
झांसी। सखी के हनुमान मंदिर के पास रहने वाली माडर्न पब्लिक स्कूल की 10वीं की टॉपर जान्या गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कभी घंटे या समय देखकर नहीं पढ़ा। कभी सुबह उठकर तो कभी रात में पढ़ाई करती थी। कभी कोचिंग नहीं की। सेल्फ स्टडी से ही ये सफलता पाई है। जान्या के पिता जितेंद्र गुप्ता शिक्षा विभाग और मां रोली गुप्ता घर पर बच्चों को कोचिंग पढ़ाती हैं। ऐसे में शुरू से ही माता-पिता ने भी पढ़ाई में काफी मदद की। कहा कि एनसीईआरटी की किताबों को अच्छे से पढ़ा। परीक्षा से पहले अधिक से अधिक सैंपल पेपर हल किए। इससे परीक्षा के दौरान सवालों को हल करने में दिक्कत नहीं आई। अब वह कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना चाहती हैं।
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गणित और बायोलॉजी दोनों की पढ़ाई की: संगम
आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र संगम सिल के इंटरमीडिएट में 98.6 फीसदी अंक आए हैं। संगम ने बताया कि शुरू से ही उन्होंने लक्ष्य बनाकर पढ़ाई शुरू कर दी थी। इसलिए परीक्षा से पहले उन्हें रिवीजन करने का अच्छा मौका मिल गया। बताया गया कि उन्होंने गणित और बायोलॉजी दोनों की एक साथ पढ़ाई की। उनसे कई लोगों ने कहा कि ये दोनों विषय एक साथ नहीं पढ़ सकते हैं। अब वह इंजीनियरिंग या फिर मेडिकल सेक्टर में जाना चाहते हैं। दोनों ही क्षेत्रों में जाने के लिए वह परीक्षा देंगे। उनके पिता शुभ्रत सिल आर्मी में हैं। ऐसे में वह एनडीए की भी परीक्षा देंगे। बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा भी उन्होंने 96.4 फीसदी अंकों से पास की थी।
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वकील बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हूं: शिवली
झांसी। केकेपुरी निवासी द आर्यंस स्कूल की छात्रा शिवली अग्रवाल ने 10वीं में 98.2 फीसदी अंक पाए हैं। उन्होंने बताया कि टर्म वन में उन्होंने नोट्स बनाए और टर्म टू में प्वाइंट्स। इससे पढ़ाई में काफी मदद मिली। खासकर परीक्षा से पहले रिवीजन करने में दिक्कत नहीं आई। अलग-अलग विषयों को पढ़ने के लिए शेड्यूल बनाया। अंग्रेजी और गणित के लिए कोचिंग की। बताया कि उनके नाना वकील थे और कई जरूरतमंदों के मुकदमे लड़े। ऐसे में वो भी वकील बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। खासकर ऐसे लोग जिनके पास केस लड़ने के लिए पैसे नहीं होते हैं। उनके पिता अनूप अग्रवाल लोको पायलट और मां वंदना अग्रवाल लेक्चरर हैं।

रोज पांच-छह घंटे की पढ़ाई, आईएएस बनना लक्ष्य: दिशा
झांसी। केंद्रीय विद्यालय एक की छात्रा दिशा गोयल ने 12वीं की परीक्षा 98.2 प्रतिशत अंकों से पास की है। शुरू से ही पढ़ने में अच्छी रहीं दिशा ने पहली कक्षा से लेकर अब तक उन्होंने कभी भी कोचिंग नहीं की। जो भी स्कूल में पढ़ाया जाता था, उसे वह घर आकर जरूर पढ़ती थीं। हाईस्कूल के परीक्षा भी उन्होंने 96.4 फीसदी अंकों से पास की थी। उन्होंने बताया कि रोज पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। कुछ देर मोबाइल चलाने से लेकर जब खेलने का मन होता था, तो खेलती थीं। कभी भी पढ़ाई को लेकर दबाव महसूस नहीं किया। वह आईएएस बनना चाहती हैं। उनके पिता सुनील कुमार अग्रवाल की गारमेंट्स की दुकान है। जबकि, मां पूनम अग्रवाल शिक्षिका हैं।
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