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Jhansi News: जिला अस्पताल में सख्ती, बिना अनुमति कर्मियों के इधर-उधर जाने पर रोक

Sun, 29 Mar 2026 02:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:46 AM IST
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Strict Measures at District Hospital: Movement of Staff Without Permission Prohibited
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के जरिए धांधली के खुलासे के बाद शनिवार को भी जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा भर्ती परीक्षा की शुचिता भंग करने के मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पूछताछ में सामने आया है कि फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह के तार झांसी और ललितपुर के सीएमओ कार्यालयों के साथ ही झांसी के जिला अस्पताल से भी जुड़े हो सकते हैं।
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सूत्रों के अनुसार, जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर तैनात एक वार्ड बॉय पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने में भूमिका निभाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि करीब 40 हजार रुपये में एक प्रमाणपत्र तैयार कराया जाता था, जिसमें अन्य कर्मियों की भी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला अस्पताल के एसआईसी/सीएमएस डॉ. प्रमोद कटियार ने आदेश जारी कर सभी कर्मचारियों को अपने-अपने मूल पद पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति कोई भी कर्मचारी इधर-उधर नहीं जाएगा और किसी भी प्रकार की मूवमेंट के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
वहीं, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र या सूचना प्राप्त नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि मामला संभवतः छह-सात वर्ष पुराना हो सकता है। यदि कोई जांच टीम आती है तो पूरा सहयोग किया जाएगा, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।


दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी होने की प्रक्रिया
सीएमओ ने बताया कि दिव्यांग प्रमाण-पत्र के लिए आवेदक को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद उसे निर्धारित दिन (सोमवार) को दिव्यांग बोर्ड के सामने उपस्थित होना पड़ता है। बोर्ड के सदस्य जांच कर दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत निर्धारित करते हैं। रिपोर्ट अपलोड होने के बाद नोडल अधिकारी द्वारा संबंधित आईडी जारी की जाती है। प्रशासनिक सख्ती के बीच अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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