{"_id":"60f8773f8ebc3e6ff661f290","slug":"strategy-bsp-s-eyes-on-the-vote-bank-of-blank-society-jhansi-news-jhs2000915192","type":"story","status":"publish","title_hn":"रणनीति: बसपा की कोरी समाज के वोट बैंक पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रणनीति: बसपा की कोरी समाज के वोट बैंक पर नजर
विज्ञापन
झांसी। बहुजन समाज पार्टी 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी की नजर परंपरागत वोट बैंक के अलावा कोरी और ब्राह्मण वोट बैंक पर है। खासकर कोरी वोट बैंक को अपने खेमे में समेटने के लिए पार्टी के रणनीतिकार मंथन कर रहे हैं। चुनाव मैदान में उतारने के लिए झांसी सदर सीट से सशक्त ब्राह्मण उम्मीदवार के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
बसपा ने 2007 में दलित, मुस्लिम, पिछड़े और ब्राह्मण वोट बैंक की मदद से सूबे में सरकार बनाई थी। तब सतीश चंद्र मिश्रा पार्टी के रणनीतिकार के रूप में उभरे थे। एक बार फिर 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसलिए पार्टी ने ब्राह्मणों को लुभाने की रणनीति बनाई है। इसके अलावा बुंदेलखंड में पार्टी की नजर कोरी समाज के वोट बैंक पर भी है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने ललितपुर से कोरी समाज के मनोहर लाल पंथ को मंत्री बनाया है। हाल ही में केंद्र सरकार ने कोरी समाज से ही जालौन-गरौठा-भोगनीपुर से सांसद भानुप्रताप वर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल कर अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा पार्टी के बुंदेलखंड में चार विधायक हैं। ऐसे में कहीं यह वोट बैंक छिटक न जाए, इसलिए इसे सहेजने की रणनीति बनाई जा रही है।
पार्टी की नजर भी कोरी समाज के वोट बैंक पर है। क्योंकि, बुंदेलखंड में अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में कोरी समाज का वोट बैंक जिस दिशा में मुड़ जाता है, प्रत्याशी की जीत लगभग तय हो जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से यह वोट बैंक छिटक गया था। इसे अब दोबारा पार्टी के साथ जोड़ने के लिए पार्टी के अंदरखाने रणनीति बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार किसी को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर समाज में संदेश देने की रणनीति पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के लिए सशक्त ब्राह्मण चेहरा उतारने की भी संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी जल्द ही अपने पत्ते खोलेगी। तीस जुलाई तक पार्टी के संगठन के कील कांटे दुरुस्त किए जा रहे हैं। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा ने 2007 में दलित, मुस्लिम, पिछड़े और ब्राह्मण वोट बैंक की मदद से सूबे में सरकार बनाई थी। तब सतीश चंद्र मिश्रा पार्टी के रणनीतिकार के रूप में उभरे थे। एक बार फिर 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसलिए पार्टी ने ब्राह्मणों को लुभाने की रणनीति बनाई है। इसके अलावा बुंदेलखंड में पार्टी की नजर कोरी समाज के वोट बैंक पर भी है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने ललितपुर से कोरी समाज के मनोहर लाल पंथ को मंत्री बनाया है। हाल ही में केंद्र सरकार ने कोरी समाज से ही जालौन-गरौठा-भोगनीपुर से सांसद भानुप्रताप वर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल कर अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा पार्टी के बुंदेलखंड में चार विधायक हैं। ऐसे में कहीं यह वोट बैंक छिटक न जाए, इसलिए इसे सहेजने की रणनीति बनाई जा रही है।
विज्ञापन
पार्टी की नजर भी कोरी समाज के वोट बैंक पर है। क्योंकि, बुंदेलखंड में अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में कोरी समाज का वोट बैंक जिस दिशा में मुड़ जाता है, प्रत्याशी की जीत लगभग तय हो जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से यह वोट बैंक छिटक गया था। इसे अब दोबारा पार्टी के साथ जोड़ने के लिए पार्टी के अंदरखाने रणनीति बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार किसी को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर समाज में संदेश देने की रणनीति पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के लिए सशक्त ब्राह्मण चेहरा उतारने की भी संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी जल्द ही अपने पत्ते खोलेगी। तीस जुलाई तक पार्टी के संगठन के कील कांटे दुरुस्त किए जा रहे हैं। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन