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Jhansi News: उधार का मैदान लेकर चुनी राज्य स्तरीय फुटबॉल टीम
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झांसी। अयोध्या में खेल विभाग द्वारा 11 से 18 जनवरी तक राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित कराई जा रही है। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में फुटबॉल खेलने के कोई संसाधन नहीं होने के कारण स्टेडियम प्रबंधन ने जूनियर रेलवे इंस्टीट्यूट का मैदान उधार लेकर टीम की चयन प्रक्रिया पूरी कराई। वहीं, ट्रायल के दौरान धूल के गुबार के बीच प्रतियोगिता में जाने वाली मंडल की फुटबॉल टीम का चयन किया गया।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए कोई भी इंतजाम नहीं है। मैदान पर गोल पोस्ट तक नहीं है। ऐेसे में वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर झांसी का नाम रोशन नहीं कर सका है। जबकि तकरीबन चार साल पहले स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त इंतजाम होने के साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं।
लेकिन स्टेडियम प्रबंधन की ओर से फुटबॉल खेल से किनारा करते हुए संसाधनों को हटवा दिया गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों के अभ्यास पर भी रोक लगा दी गई। अब शहर में फुटबॉल के लिए कोई भी खेल मैदान नहीं होने के कारण खिलाड़ियों और कोचों में मायूसी है। अयोध्या में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में औपचारिकता निभाने के लिए रेलवे के मैदान जूनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में खिलाड़ियों का चयन कर मंडल की टीम का गठन किया गया है।
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फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए शहर में एक भी मैदान नहीं है। बच्चे धूल भरे मैदान में खेलने को मजबूर हैं।
अशोक कन्नौजिया, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
वर्ष 2004 से फुटबॉल खेल पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ था। करीब आठ माह पहले ही झांसी फुटबॉल फेडरेशन के सदस्यों ने प्रयास कर इस खेल को जिंदा करने का प्रयास किया है।
विनोद कुमार, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
खेल विभाग के लगातार प्रयास से खिलाड़ियों को सुविधाएं मुहैया करने का प्रयास किया जा रहा है। जेडीएफ के माध्यम से खिलाड़ियों का निरंतर अभ्यास कराया जा रहा है।
वहीद खान, सचिव जेडीएफ (डिस्ट्रिक फुटबॉल फेडरेशन)
विभाग द्वारा हैंडबॉल, हॉकी, जूडो और बॉक्सिंग खेल आवंटित किए गए हैं। इसके लिए इनको प्राथमिकता दी जाती है। फुटबॉल के लिए जीआईसी में व्यवस्था की जा रही है।
सुरेश बोनकर, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी
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मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए कोई भी इंतजाम नहीं है। मैदान पर गोल पोस्ट तक नहीं है। ऐेसे में वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर झांसी का नाम रोशन नहीं कर सका है। जबकि तकरीबन चार साल पहले स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त इंतजाम होने के साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं।
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लेकिन स्टेडियम प्रबंधन की ओर से फुटबॉल खेल से किनारा करते हुए संसाधनों को हटवा दिया गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों के अभ्यास पर भी रोक लगा दी गई। अब शहर में फुटबॉल के लिए कोई भी खेल मैदान नहीं होने के कारण खिलाड़ियों और कोचों में मायूसी है। अयोध्या में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में औपचारिकता निभाने के लिए रेलवे के मैदान जूनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में खिलाड़ियों का चयन कर मंडल की टीम का गठन किया गया है।
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फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए शहर में एक भी मैदान नहीं है। बच्चे धूल भरे मैदान में खेलने को मजबूर हैं।
अशोक कन्नौजिया, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
वर्ष 2004 से फुटबॉल खेल पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ था। करीब आठ माह पहले ही झांसी फुटबॉल फेडरेशन के सदस्यों ने प्रयास कर इस खेल को जिंदा करने का प्रयास किया है।
विनोद कुमार, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी
खेल विभाग के लगातार प्रयास से खिलाड़ियों को सुविधाएं मुहैया करने का प्रयास किया जा रहा है। जेडीएफ के माध्यम से खिलाड़ियों का निरंतर अभ्यास कराया जा रहा है।
वहीद खान, सचिव जेडीएफ (डिस्ट्रिक फुटबॉल फेडरेशन)
विभाग द्वारा हैंडबॉल, हॉकी, जूडो और बॉक्सिंग खेल आवंटित किए गए हैं। इसके लिए इनको प्राथमिकता दी जाती है। फुटबॉल के लिए जीआईसी में व्यवस्था की जा रही है।
सुरेश बोनकर, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी