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मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी इलाज के लिए तैयार होगा स्टाफ
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनकर तैयार हो गया है। अब यहां पर उपकरणों, मानव शरीर की डमी आदि की खरीद की जानी है। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ को हार्ट मालिश, फेफड़ों में ट्यूब डालना समेत इमरजेंसी इलाज के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में स्किल डेपलपमेंट सेंटर को मंजूरी सरकार की तरफ से मिली थी। बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए 2021 तक समयसीमा निर्धारित की गई थी। कोरोना के चलते निर्माणकार्य में कुछ बाधा हुई। इसके बाद अब फिर से तारीख बढ़ा दी गई है। बताया गया कि सेंटर में नए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ को डायलिसिस, ऑपरेशन के अहम काम, इंजेक्शन लगाने, रक्त एकत्रित करने समेत इलाज की जानकारी के लिए क्लास चलेगी। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों के काम में दक्षता आएगी और मरीजों को इलाज की बेहतर सेवाएं मिलेंगी। कोरोना महामारी में इमरजेंसी ट्रेंड स्टाफ की जरूरत बहुत महसूस की गई। ऐसे में आगे भी महामारी आती है, तो सेंटर का उद्देश्य रिजर्व मैन पावर तैयार रखना है। पहले चरण में बिल्डिंग तैयार हो गई है। अब दूसरी चरण में मानव शरीर की डमीज और संसाधन मंगाए जाएंगे। मेडिकल ग्रेजुएट, नर्सिंग स्टाफ की इन्हीं ह्यूमन डमीज पर ट्रेनिंग होगी।
नेफ्रोलॉजी विभाग के ऊपर स्किल डेवलपमेंट सेंटर की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अब ह्यूमन डमीज और उपकरणों की खरीद की जाएगी। सेंटर के जरिए डॉक्टर, स्टाफ बेहतर इमरजेंसी इलाज के लिए तैयार किया जा सकेगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में स्किल डेपलपमेंट सेंटर को मंजूरी सरकार की तरफ से मिली थी। बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए 2021 तक समयसीमा निर्धारित की गई थी। कोरोना के चलते निर्माणकार्य में कुछ बाधा हुई। इसके बाद अब फिर से तारीख बढ़ा दी गई है। बताया गया कि सेंटर में नए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ को डायलिसिस, ऑपरेशन के अहम काम, इंजेक्शन लगाने, रक्त एकत्रित करने समेत इलाज की जानकारी के लिए क्लास चलेगी। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों के काम में दक्षता आएगी और मरीजों को इलाज की बेहतर सेवाएं मिलेंगी। कोरोना महामारी में इमरजेंसी ट्रेंड स्टाफ की जरूरत बहुत महसूस की गई। ऐसे में आगे भी महामारी आती है, तो सेंटर का उद्देश्य रिजर्व मैन पावर तैयार रखना है। पहले चरण में बिल्डिंग तैयार हो गई है। अब दूसरी चरण में मानव शरीर की डमीज और संसाधन मंगाए जाएंगे। मेडिकल ग्रेजुएट, नर्सिंग स्टाफ की इन्हीं ह्यूमन डमीज पर ट्रेनिंग होगी।
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नेफ्रोलॉजी विभाग के ऊपर स्किल डेवलपमेंट सेंटर की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अब ह्यूमन डमीज और उपकरणों की खरीद की जाएगी। सेंटर के जरिए डॉक्टर, स्टाफ बेहतर इमरजेंसी इलाज के लिए तैयार किया जा सकेगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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