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कहीं छात्रों की धूम, कहीं गुम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2016 01:28 AM IST
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bu, jhansi news
- फोटो : demo
झांसी। एंट्रेंस टेस्ट के जरिए प्रवेश वाले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कैंपस कोर्सों के ऑनलाइन आवेदन की समयसीमा पूरी हो चुकी है। पिछली बार की तरह इस बार भी बीएससी एग्रीकल्चर साइंस, एलएलबी, बीपीएड, एमएड को लेकर छात्रों में जबरदस्त रुझान रहा है, जबकि एमएससी आयुर्वेद, एमएससी आईटी, एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स, एमफार्मा (फार्मास्यूटिक्स), एमएससी एग्रोफॉरेस्ट्री से छात्रों ने दूरी बना ली है।
एंट्रेंस टेस्ट वाले कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि विलंब शुल्क के साथ बीस जून तक थी। इस बार सर्वाधिक होड़ बीएससी एग्रीकल्चर साइंस (एजी) में प्रवेश के लिए मची है। चार साल के कोर्स बीएससी-एजी में 120 सीटें हैं। इन सीटों के मुकाबले 20 गुना अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। वहीं, तीन साल के कोर्स एलएलबी की 240 सीटों के मुकाबले पांच गुना छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किए हैं।
इसके अलावा बीए एलएलबी की 80 सीटों के लिए दोगुने, बीपीएड की 100 सीटों के लिए पांच गुने, एलएलएम की 60 सीटों के लिए ढाई गुने, एमएड की 50 सीटों के लिए नौ गुने, एमएससी केमिस्ट्री की 90 सीटों के लिए चार गुने, एमएससी बॉटनी की 90 सीटों के लिए दो गुने, एमएससी मैथ की 60 सीटों के लिए करीब सात गुने, एमएससी फिजिक्स की 60 सीटों के लिए छह गुने और एमएससी जूलॉजी की 90 सीटों के लिए पांच गुने छात्र लाइन में लगे हैं।
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इन कोर्सों में प्रवेश हासिल करने के लिए छात्रों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा रहेगी। प्रवेश परीक्षा में छात्र-छात्राओं को अच्छा प्रदर्शन उन्हें बीयू में एंट्री दिला सकता है।
इसके अलावा कुछ ऐसे भी कोर्स हैं, जिसमें सीटें भरने को लाले पड़े हैं। सबसे बुरा हाल एमएससी आयुर्वेद एंड अल्टरनेट मेडिसिन का है। इस कोर्स में 40 सीटें हैं और मात्र एक आवेदन आया है। इसके अलावा एमएससी आईटी के लिए तीन, एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आठ, एमएससी एनवायरमेंटल साइंस के लिए 14, एमएससी बायोकेमिस्ट्री के लिए 15 आवेदन आए हैं। इसके अलावा भी कई कोर्स ऐसे हैं, जिनमें सीटों के मुकाबले आधे से कम छात्रों ने ऑनलाइन फॉर्म भरे हैं। इन कोर्सों में छात्रों को बहुत आसानी से प्रवेश मिल जाएगा।
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एंट्रेंस टेस्ट वाले कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि विलंब शुल्क के साथ बीस जून तक थी। इस बार सर्वाधिक होड़ बीएससी एग्रीकल्चर साइंस (एजी) में प्रवेश के लिए मची है। चार साल के कोर्स बीएससी-एजी में 120 सीटें हैं। इन सीटों के मुकाबले 20 गुना अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। वहीं, तीन साल के कोर्स एलएलबी की 240 सीटों के मुकाबले पांच गुना छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किए हैं।
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इसके अलावा बीए एलएलबी की 80 सीटों के लिए दोगुने, बीपीएड की 100 सीटों के लिए पांच गुने, एलएलएम की 60 सीटों के लिए ढाई गुने, एमएड की 50 सीटों के लिए नौ गुने, एमएससी केमिस्ट्री की 90 सीटों के लिए चार गुने, एमएससी बॉटनी की 90 सीटों के लिए दो गुने, एमएससी मैथ की 60 सीटों के लिए करीब सात गुने, एमएससी फिजिक्स की 60 सीटों के लिए छह गुने और एमएससी जूलॉजी की 90 सीटों के लिए पांच गुने छात्र लाइन में लगे हैं।
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इन कोर्सों में प्रवेश हासिल करने के लिए छात्रों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा रहेगी। प्रवेश परीक्षा में छात्र-छात्राओं को अच्छा प्रदर्शन उन्हें बीयू में एंट्री दिला सकता है।
इसके अलावा कुछ ऐसे भी कोर्स हैं, जिसमें सीटें भरने को लाले पड़े हैं। सबसे बुरा हाल एमएससी आयुर्वेद एंड अल्टरनेट मेडिसिन का है। इस कोर्स में 40 सीटें हैं और मात्र एक आवेदन आया है। इसके अलावा एमएससी आईटी के लिए तीन, एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आठ, एमएससी एनवायरमेंटल साइंस के लिए 14, एमएससी बायोकेमिस्ट्री के लिए 15 आवेदन आए हैं। इसके अलावा भी कई कोर्स ऐसे हैं, जिनमें सीटों के मुकाबले आधे से कम छात्रों ने ऑनलाइन फॉर्म भरे हैं। इन कोर्सों में छात्रों को बहुत आसानी से प्रवेश मिल जाएगा।