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कम बोलो और काम का बोलो : आर्यिका स्वस्तिभूषण
Fri, 05 Jan 2024 01:59 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Fri, 05 Jan 2024 01:59 AM IST
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झांसी। सोनागिर सिद्धक्षेत्र से पद विहार करते हुए बृहस्पतिवार को आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ झांसी पहुंचीं। महानगर में आर्यिका संघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जगह-जगह श्राविकाओं ने आर्यिका संघ का पाद प्रक्षालन किया और आरती उतारी। इस दौरान आर्यिका माताजी के जयकारे गूंजते रहे।
आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी की बृहस्पतिवार सुबह श्रावकों ने बीकेडी चौराहे पर आगवानी की। यहां से जुलूस के रूप में आर्यिका संघ श्रावक-श्राविकाओं के साथ जीवनशाह तिराहा, रानी लक्ष्मीबाई पार्क होती हुई चंद्रप्रभु जिनालय पहुंचीं। यहां धर्म सभा को संबोधित करते हुए आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि कम बोलो और काम का बोलो। अधिक बोलना हमेशा झगड़े का कारण होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का चरम विकास धन से नहीं बल्कि धर्म से होता है। धन सुविधा दे सकता है सुख नहीं। परमात्मा की चाहत पैदा होने के बाद व्यक्ति धर्म की तलाश करता है धन की नहीं।
इस मौके पर आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, निलय जैन, राजीव जैन अहिंसा, सुभाषचंद्र जैन, चौधरी जितेंद्र जैन, भागचंद्र जैन ने किया। इस मौके पर राजकुमार बाबा, अशोक जैनिथ, वीरेंद्र जैन, विजय जैन, सुमत चंद्र जैन, वीरेंद्र जैन, अनूप जैन, राजीव जैन रानू, आशीष जैन, मनोज जैन, विनोद जैन ठेकेदार, संजय सिंघई, राजेंद्र बड़जात्या, शशि जैन, सरोज जैन, रीता जैन, शशि जैन, प्रमिला जैन, रजनी जैन, अनुष्का जैन मौजूद रहीं। संचालन कमल जैन ने किया।
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छह और सात जनवरी को मनेगा भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक
महानगर में इस बार आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक महोत्सव मनेगा। इस बार दो दिवसीय आयोजन होगा। छह जनवरी को चंद्रप्रभु जिनालय से करगुवां जैन तीर्थ तक पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं सात जनवरी को करगुवां तीर्थ पर भगवान पार्श्वनाथ का 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक होगा। बृहस्पतिवार को माताजी के निर्देश पर जन्मकल्याणक महोत्सव प्रभावना समिति का गठन किया गया। इसमें विनोद जैन ठेकेदार को संयोजक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
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आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी की बृहस्पतिवार सुबह श्रावकों ने बीकेडी चौराहे पर आगवानी की। यहां से जुलूस के रूप में आर्यिका संघ श्रावक-श्राविकाओं के साथ जीवनशाह तिराहा, रानी लक्ष्मीबाई पार्क होती हुई चंद्रप्रभु जिनालय पहुंचीं। यहां धर्म सभा को संबोधित करते हुए आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि कम बोलो और काम का बोलो। अधिक बोलना हमेशा झगड़े का कारण होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का चरम विकास धन से नहीं बल्कि धर्म से होता है। धन सुविधा दे सकता है सुख नहीं। परमात्मा की चाहत पैदा होने के बाद व्यक्ति धर्म की तलाश करता है धन की नहीं।
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इस मौके पर आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, निलय जैन, राजीव जैन अहिंसा, सुभाषचंद्र जैन, चौधरी जितेंद्र जैन, भागचंद्र जैन ने किया। इस मौके पर राजकुमार बाबा, अशोक जैनिथ, वीरेंद्र जैन, विजय जैन, सुमत चंद्र जैन, वीरेंद्र जैन, अनूप जैन, राजीव जैन रानू, आशीष जैन, मनोज जैन, विनोद जैन ठेकेदार, संजय सिंघई, राजेंद्र बड़जात्या, शशि जैन, सरोज जैन, रीता जैन, शशि जैन, प्रमिला जैन, रजनी जैन, अनुष्का जैन मौजूद रहीं। संचालन कमल जैन ने किया।
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छह और सात जनवरी को मनेगा भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक
महानगर में इस बार आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक महोत्सव मनेगा। इस बार दो दिवसीय आयोजन होगा। छह जनवरी को चंद्रप्रभु जिनालय से करगुवां जैन तीर्थ तक पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं सात जनवरी को करगुवां तीर्थ पर भगवान पार्श्वनाथ का 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक होगा। बृहस्पतिवार को माताजी के निर्देश पर जन्मकल्याणक महोत्सव प्रभावना समिति का गठन किया गया। इसमें विनोद जैन ठेकेदार को संयोजक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।