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Jhansi News: बेटा जेल से बाहर आया, एक सप्ताह बाद गंगा में विसर्जित होंगी पिता की अस्थियां
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ललितपुर। बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी में आरोपी बनाया गया शिवम राठौर आखिरकार जमानत पर रिहा होकर शुक्रवार की देर शाम जेल से बाहर आ गया। अब एक सप्ताह से इंतजार कर रही अस्थियाें को शिवम रविवार को गंगा नदी में विसर्जित करेगा। वह शनिवार की रात को प्रयागराज के लिए अस्थियां लेकर रवाना हुआ।
कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला रामनगर निवासी शिवम राठौर को फर्जी मुहर बनाने के आरोप में विभिन्न आपराधिक धाराओं में गिरफ्तार कर लिया था। 19 सितंबर को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसकी जानकारी लगने पर उसके पिता ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जाकर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन 21 सितंबर को परिजनों ने इलाइट चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद दोपहर में पुलिस ने शिवम को पिता के अंतिम संस्कार करने के लिए दो घंटे के पैराेल पर छोड़ा था। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया और कई राजनीतिक संगठनों ने शिवम को न्याय दिलाने की मांग की। उसके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस ने पूर्व में लगाई गंभीर धाराओं को हटाया, फिर जाकर बीते रोज शुक्रवार को शिवम को न्यायालय से राहत मिली और उसे जमानत पर छोड़ा गया।
पिता का अंतिम संस्कार तो हो गया था, लेकिन उसके बाद परिजन अस्थि विसर्जन के लिए शिवम के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। अब शनिवार को शिवम व उसके परिजन पिता लक्ष्मीनारायण की अस्थियां लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
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कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला रामनगर निवासी शिवम राठौर को फर्जी मुहर बनाने के आरोप में विभिन्न आपराधिक धाराओं में गिरफ्तार कर लिया था। 19 सितंबर को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसकी जानकारी लगने पर उसके पिता ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जाकर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन 21 सितंबर को परिजनों ने इलाइट चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद दोपहर में पुलिस ने शिवम को पिता के अंतिम संस्कार करने के लिए दो घंटे के पैराेल पर छोड़ा था। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया और कई राजनीतिक संगठनों ने शिवम को न्याय दिलाने की मांग की। उसके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस ने पूर्व में लगाई गंभीर धाराओं को हटाया, फिर जाकर बीते रोज शुक्रवार को शिवम को न्यायालय से राहत मिली और उसे जमानत पर छोड़ा गया।
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पिता का अंतिम संस्कार तो हो गया था, लेकिन उसके बाद परिजन अस्थि विसर्जन के लिए शिवम के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। अब शनिवार को शिवम व उसके परिजन पिता लक्ष्मीनारायण की अस्थियां लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
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