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"कोई तो जानता होगा मेरी मां को...", अक्सर रात में रोने लगती है झांसी के अस्पताल में भर्ती नवजात

Sat, 21 Dec 2019 01:54 AM IST
झांसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 21 Dec 2019 01:54 AM IST
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somebody would have known my mother, i will pray give me meet her
नवजात शिशु - फोटो : social media

'आप में से कोई तो जानता होगा मेरी मां को। मुझे कूड़ेदान में फेंकने के लिए वह अकेली तो नहीं आई होगी। घर के और लोग भी शामिल रहे होंगे। कोई तो मुझे मेरी मां से एक बार मिला दो। मैं उससे पूछ तो लूं कि मां ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि तूने मुझे 9 महीने कोख में रखने के बाद फेंक दिया। जरा भी दया नहीं आई। मैं चिल्लाती रही, लेकिन तेरा दिल नहीं पसीजा। मां अगर तू अब भी मुझसे मिलने आ जाएगी तो मैं तुझे माफ कर दूंगी। मुझे तेरा आंचल चाहिए। मैं तेरी गोद में आकर अपने सारे दुख भूल जाऊंगी। यह मत समझना कि मेरा एक हाथ कुत्तों ने खा लिया है तो जीवन भर तुझ पर बोझ बनकर रहूंगी। मैं तुझे जरा भी परेशान नहीं करूंगी। तेरी आंखों में आंसू नहीं आने दूंगी। बस तू आकर मुझे अपना ले...।"

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कुछ ऐसी ही बातें अपने दिल में लिए झांसी के मेडिकल कालेज के बच्चा वार्ड में भर्ती नवजात अकसर रात में बिलख पड़ती है। डाक्टरों ने बताया कि रात को अक्सर वह रोने लगती है। अब मां का प्यार तो उसे कोई दूसरा नहीं दे सकता है। बच्ची के लिए मां का दूध जरूरी है, लेकिन उसे वह नहीं मिल रहा। 
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इस नवजात को देखने के लिए शुक्रवार को तमाम सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचे। हर किसी ने इलाज में मदद के दावे किए। इस बीच कुछ लोग ऐसे भी आए जो उसे गोद लेने की बात कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कह दिया कि अभी इलाज चल रहा है। मेडिकल कालेज के विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि आज भी कुछ टेस्ट कराए गए हैं।
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बता दें कि बीते सोमवार झांसी मेडिकल कॉलेज के बाहर किसी ने एक नवजात को कूड़ेदान के पास कपड़े में लपेटकर फेंक दिया था। रात के वक्त उधर से गुजर रहे एक राहगीर की नजर गई तो उसने देखा कि वहां मौजूद कुत्तों ने बच्ची का एक हाथ खा लिया है। उसने कुत्तों से बच्ची को बचाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बुरी तरह से जख्मी नवजात को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। 

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